धान के उठाव को लेकर एक बार फिर मार्कफेड और मिलर्स के बीच खींचतान शुरू हो गई है। डीएमओ की ओर से एक ही दिन में 75 हजार क्विंटल धान के उठाव के लिए डीओ जारी कर दिए जाने से नाराज मिलर्स ने सोमवार को डीएमओ दफ्तर का घेराव किया।
मिलर्स ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खराब हो गया है और इसे उठाव का कस्टम मिलिंग नहीं कर सकते। इधर समितियों की हड़ताल के चलते भी उठाव नहीं हो सकता। खराब मौसम के बीच करोड़ों का धान खुले में पड़ा हुआ है। अफसरों का कहना है कि धान का एक भी दाना खराब नहीं हुआ है। मैदानी स्तर पर धान की स्थिति खराब है। मिलर्स को जितने क्विंटल का डीओ जारी हो रहा है, समितियों में उतना धान मौजूद ही नहीं है। मिलर्स की ओर से पहले भी इसकी शिकायत की गई है। मार्कफेड की ओर से अब तक पांच से छह सोसाइटियों का ही मिलान किए हैं। वहीं समितियों की हड़ताल के चलते मिलान नहीं हो रहा है।
मिलर्स का कहना: सोसाइटियों में बचा धान कस्टम मिलिंग के लायक ही नहीं, इससे चावल तैयार नहीं होगा, इसलिए उठाव में रुचि नहीं दिखा रहे
इधर अंतिम दौर में फंसा पेंच
मार्कफेड की ओर से खरीदी के छह माह के बाद भी सोसाइटियों से धान का उठाव नहीं किया गया है। करोड़ों का धान लंबे समय से मौसम की मार झेलते हुए खराब हो रहे हैं। वहीं अब जब उठाव का आखिरी दौर आया है तब मिलर्स की ओर से उठाव नहीं करने की चेतावनी दिए जाने से हड़कंप मच गया है, क्योंकि 30 जुलाई के पहले उठाव पूरा करने शासन स्तर से निर्देश जारी किया गया है। 40 से 45 मिलर्स की ओर से लेटरपैड में लिखकर दे दिया गया है कि अरवा धान का उठाव नहीं करेंगे। इधर खींचतान के बीच धान का नुकसान हो रहा है।
इधर हड़ताल से खाद, बीज का वितरण ठप
नियमितीकरण की मांग को लेकर समिति प्रबंधक और अन्य कर्मचारी सोसाइटी दफ्तर में ताला जड़कर हड़ताल पर हैं। समिति प्रबंधकों ने सोमवार को खरीदी केन्द्र परिसर में धरना दिया। इसके चलते जिले में खाद, बीज, ऋण वितरण सहित फसल बीमा पंजीयन का कार्य ठप हो गया है। प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था ही नहीं की गई है। सेवा सहकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रूपनारायण हिरवानी का कहना है कि प्रांतीय आह्वान हड़ताल जारी है। बताया कि लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
उठाव में एक-दो दिन का समय लग सकता है
डीएमओ सौरभ भारद्वाज का कहना है कि किसी भी समिति में धान खराब नहीं है। इसलिए उठाव के लिए डीओ जारी कर दिया गया है। मिलर्स मिलने आए थे, उनसे चर्चा हो गई है। डीएमओ का कहना है कि समितियों में हड़ताल जारी है। इस वजह से उठाव में एक-दो दिन का समय लग सकता है। अब समितियों में केवल 1 लाख 10 हजार क्विंटल धान शेष रह गया है।
