राजनांदगांव 20 जून 2020। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
कलेक्टर श्री वर्मा ने बैठक में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हितग्राहियों के गृह भेंट कर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के माध्यम से पोषण विविधता स्थानीय पौष्टिक भोजन एवं आवश्यक पोषण के संबंध में जागरूकता लाने के साथ ही कुपोषित बच्चों को आहार देने के लिए न्यूनतम अंतराल संबंधी जानकारी पालकों को देने कहा। बैठक में अधिकारियों को स्तनपान, मातृशिशु आहार, आयरन गोलियों संबंधित जानकारी प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, एनआरएलएम के आपसी समन्वय से पोषण संबंधी जानकारी हितग्राहियों तक पहुंचाने कहा।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका के तहत मुनगा, पपीता, केला आदि के पौधे लगाएं तथा हरी सब्जी-भाजी उगाएं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अधिक से अधिक गर्भवती माताओं को दिलाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य करने जरूरत पर जोर दिया। जननी सुरक्षा योजना, भगिनी प्रसूति योजना से सभी पात्र हितग्राहियों को फायदा मिलना चाहिए। कलेक्टर ने बैठक में ग्राम स्तर पर पोषण व स्वास्थ्य दिवस आयोजित करने के निर्देश भी दिए। जिसमें टीकाकरण, पोषण शिक्षा स्वास्थ्य दिवस पर स्वच्छता के फायदे के बारे में लोगों को जानकारी दी जानी चाहिए। ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक का आयोजन अवश्य किया जाय, जिसमें मितानिन, एमटीएस, संकुल समन्वयक, एएनएम सभी की उपस्थिति होनी चाहिए।
कलेक्टर ने कोविड-19 के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोना से बचाव और सावधानियों की जानकारी ग्रामवासियों को देने के निर्देश दिए। इस दौरान खुद की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सौंपे गए पर्यवेक्षण का कार्य भी करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को आंगनबाड़ी खुलने पर व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए तैयारी करने एवं साफ-सफाई तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्वांरेटाईन सेंटर में रह रही गर्भवती माताओं व बच्चों को भी आईसीडीएस सेवाओं का लाभ प्रदान दिया जाए एवं पोषण आहार व सूखा राशन का वितरण निर्देशानुसार करें। कुपोषण को निम्र स्तर पर लाने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत कुपोषित बच्चों एवं एनीमिक माताओं का विशेष ध्यान रखने एवं पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि परिजनों को समझाया जाए कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए उन्हें नियमित अंतराल में भोजन देना जरूरी है। उन्होंने रेडी टू इट की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि पर्यवेक्षक स्वम उपस्थित रह कर रेडी टू इट तैयार कराएं। बच्चों को कुपोषण से बचाना महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों के लिए एक चुनौती है। श्री वर्मा ने कहा कि हर गर्भवती माताओं के पंजीयन, टीकाकरण और नियमित जांच गंभीरता से होनी चाहिए। संस्थागत प्रसव शत-प्रतिशत होना चाहिए। इसके लिए गर्भवती माताओं की लगातार काउंसलिंग की जाए। पोषण वाटिका सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित करने कार्रवाई की जाए।
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने भी सभी गर्भवती माताओं का एएनसी पंजीयन, टीकाकरण तथा बच्चों के टीकाकरण पर जोर दिया। माँ और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मिलजुलकर कार्य करना है। डॉ. चौधरी ने कहा कि बरसात शुरू होने के साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार की शिकायत बढ़ जाती है। कोरोना संक्रमण के चलते इस तरह की शिकायतों को अधिक गंभीरता से लेने की जरूरत है। पीडि़तों को तत्काल इलाज कराने का सुझाव दिया जाए। घरों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। आम लोगों को डेंगू से बचाव के लिए सतर्क किया जाए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तनुजा सलाम, जिला अधिकारी रेणु प्रकाश सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
