राजनांदगांव। मंगलवार को सभी शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व की धूम देखने को मिला। डोंगरगढ़ के श्री मां बम्लेश्वरी मंदिर पहाड़ी के दक्षिण भाग बांस डिपो पहुंच गाजमर्रा स्थित श्री जटाशंकर मंदिर में भी प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व पर सुबह से शिव भक्तों भीड़ देखने मिला। डोंगरगढ़ के स्थानीय लोग ही नही बल्कि बाहर के जिलों से भी भगवान शिव जी के श्री जटाशंकर मंदिर श्रीधाम पर्वत दर्शन करने आये। जिसमे कवर्धा, दुर्ग, बालोद जिला सहित कई अनेक क्षेत्रों से भी भक्तों का भक्ति झलकी।
पर्वत की विशेषता मन मोह लेता है इसकी विशेष रूप मंदिर के पहाड़ी की ऊपर में चट्टान पूर्व भाग में 180 फीट एवं पश्चिम में 87.5 फीट तथा उत्तर भाग में 120 फीट साथ ही दक्षिण में 87.5 फीट का विशाल एक मैदान है। यहां पर एक साथ लगभग 5000 लोग बैठ सकते है। इस स्थान की अलौकिक सुंदरता को देखते हुए लगता है कि अवश्य ही भगवान शिव पर आस्था रखने वाले हजारों वर्ष पूर्व से भक्तों का अद्वितीय समागम व लगाव है, जो एक मात्र विशालकाय चट्टान पर है। जिसे देखने मात्र से प्रथम दृष्टि से स्वयं में शिवलिंग साक्ष्य प्रतीत होता है। जिसका आकर एक विशालकाय चट्टान में होने से दूर से ही शिवलिंग जैसा दिखाई पड़ता है। जिसके दर्शन करने भक्तजन स्थानीय ही नहीं अपितु दूर-दूर से भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
बताया गया कि शासकीय अवकाश होने के कारण सभी वर्ग के लोगों का प्रभु पर श्रद्धा रखने वालों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। अब तक हुए पिछले सभी वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दर्शनार्थियों का भीड़ रहा। सुबह से शिव उपासकों का कतार लगा रहा। ट्रस्ट एवं अन्य सेवाभावी लोगो के द्वारा भक्तों के लिए भोग प्रसाद, भंडारा एवं पेयजल की व्यवस्था की गई थी।
वही श्रीधाम पर्वत पर दर्शन करने परिवार सहित पहुंचे डोंगरगढ़ के पूर्व विधायक विनोद खांडेकर ने कहा कि यह स्थान प्राकृतिक एवं सुंदरता से भरे होने के कारण भक्तो के मन को लुभाता है। आज हजारों की संख्या में दर्शन करने लोगों का आना साफ जाहिर होता है। उन्होंने कहा कि श्री जटाशंकर मंदिर को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट प्रसाद योजना में शासन को शामिल करने हेतु बात करेंगे। जिससे इस दार्शनिक स्थल का तेज गति से विकास व उन्नति हो सके।
श्री जटाशंकर मंदिर ट्रस्ट समिति के सचिव भागवत नामदेव ने बताया कि विगत कई वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है, पहले इकाई की संख्या में भक्त आते थे, किंतु आज इस वर्ष के महाशिवरात्रि पर लगभग 5 हजार दर्शक अपनी मनोकामना पूर्ण हेतु भगवान शिव के दर्शन करने श्रीधाम पहुंचे। पहले ऊपर मंदिर तक पहुच मार्ग पथरीली थी, जिसे सुगम एवं आसान बनाने के लिए श्री जटाशंकर मंदिर ट्रस्ट द्वारा जनसहयोग से सीढ़ी निर्माण कराया गया है आगे की कार्य प्रगति पर है।
