राजनांदगांव। प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र द्वारा गांवों के लिए प्रारंभ की गई हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना मूर्त रूप लेने लगी है। इस योजना के गांवों में शीघ्रता से क्रियान्वयन होने से ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल का लाभ मिल रहा है।
इस योजना के तहत जिले के 1599 गांवों में हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उक्त योजना का लाभ देने किसी का भी नहीं टुटेगा। पीएम मोदी की योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी को अपने घर में लगे नल से शुद्ध पेयजल की प्राप्ति होगी। उम्मीद की जा रही कि इस योजना के क्रियान्वयन से गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। लोग पानी के लिए कुएं तालाब बोर-बोरिंग व नदियों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
जिला जल जीवन मिशन के सांसद प्रतिनिधि एवं कृषक बिसेसर दास साहू ने बताया कि तीन हजार करोड़ से अधिक रूपये खर्च किये जाएंगे। इससे जिले के 1601 गांव में से रहवासी वाले 1595 गांवों के ग्रामीण लाभन्वित होंगे। साहू की माने तो हर घर नल से जल योजना के लिए सर्वे किये जाने उपरांत पाया गया कि जिले के 1601 गांवों में से वंनाचल क्षेत्र के सात गांव पूरी तरह वीरान है। वहां कोई भी नहीं रहता। इन गांवों को छोड़ कर उक्त योजना के क्रियान्वयन के लिए 1594 गांवों को लक्ष्य में रखा गया है।
प्राथमिकता वाले 364 गांव
बताया गया कि उक्त योजना का क्रियान्वयन तीन तरीके से ही हो रहा है। जिसमें पहला रेस्ट्रोफिटिंग योजना है जिसके तहत जिन गांवों में नल-जल के लिए पहले कुछ पाइप लाइन बिछ चुके है व प्राथमिक स्तर का काम हो चुका है। उसे आगे बढ़ाना व ग्रामवासियों को हर घर नल से जल योजना का लाभ देना है । इसकी संख्या 364 है।
सोलर सिस्टम का भी उपयोग
दूसरा सोलर योजना है। इसके तहत पानी टंकी के ऊपर सोलर सिस्टम का उपयोग कर मोटर द्वारा घरों तक पाइप लाइन के माध्यम से जल प्रदाय किया जाना है। इसकी संख्या 240 है। तीसरा एकल नवीन योजना है जिसके तहत 501 गांवों में पूरी तरह से सभी कुछ नया ही किया जाना है। नल पाईप लाईन व टंकी सभी कुछ नवी ही बनाई जानी है। सांसद प्रतिनिधि देवशरण सेन ने बताया कि ग्रामवासियों के घरों में बकायदा प्लेटफार्म बना कर नल से शुद्ध पेयजल पाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए 1105 गांवों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति हो चुकी है और धड़ल्ले से काम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। शेष 489 गांवों की स्वीकृति के लिए कार्य प्रगति पर है। केंद्र सरकार की उक्त योजना के लागू होने से जिले के ग्रामवासियों में प्रसन्नाता व्यक्त की है।
