० कैग की टीम ऑडिट रिपोर्ट की जांच करने पहुंची
राजनांदगांव। शिक्षा विभाग पर लगातार आरोप लग रहे कि विगत 19 महीनों से विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहंुच गया है। खरीदी में भ्रष्टाचार, अनुकंपा नियुक्ति में भ्रष्टाचार, ट्रांसफर-पोस्टिंग और नियुक्ति में भ्रष्टाचार, अध्यापन व्यवस्था के आड़ में संलग्निकरण करने में भ्रष्टाचार, भुगतान करने में भ्रष्टाचार, अनुमति मान्यता और मान्यता नवनीकरण देने में भ्रष्टाचार, जानकारी देने में गड़बड़ी, गरीब बच्चों को प्रवेश देने में गड़बड़ी आदि।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने बताया कि विगत दो वर्षो में लगभग सोलह करोड़ चार लाख की सामग्री की खरीदी की गई है और जो संबंधित फर्म को भुगतान किया गया उसमें बिना टीडीएस की कटौती किए बिना ही भुगतान कर दिया गया, जिसकी आयकर विभाग रायपुर में लिखित शिकायत की गई और विभाग में जो विगत 19 महीनों से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता हो रहा हैए उसकी दस्तावेजी साक्ष्य राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर को भी भेजा गया है।
श्री पॉल का कहना है कि उनके द्वारा एक लिखित शिकायत महालेखाकार, रायपुर में भी भेजा गया था, क्योंकि विगत 19 महीनों में शिक्षा विभाग में शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा जा रहा है, जिसके दस्तावेज साक्ष्य कार्यवाही हेतु कैग कार्यालय रायपुर में भेजा गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैग की टीम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विगत दो वर्षो के ऑडिट की जांच करने पहंुची है और टीम अभी कुछ दिन कार्यालय में सभी दस्तावेजों की सूक्ष्म परीक्षण करेगी।
