कलेक्टर ने लिया संज्ञान, कुंए के धसकने से हुई थी ग्राम बिरखा में महेश मरकाम की मृत्यु
रेस्क्यू आपरेशन में विलंब एवं उपेक्षा नहीं बरती गई
राजनांदगांव 10 मई 2020। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित ग्राम बिरखा में गांव के भीतर ग्रामीणों की निस्तारी के लिए बने सालों पुराने कुंए के धसकने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। भारी मशक्कत से बाद दूसरे दिन निकाला गया कुंए से शव, अधिकारियों ने नहीं बरती तत्परता शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था।
इस संबंध में कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने संज्ञान लेते हुए उपतहसील गंडई के नायब तहसीलदार से जानकारी सूचना प्रतिवेदन देने के लिए निर्देश दिए थे। कलेक्टर श्री मौर्य के निर्देश पर पीडि़त परिवार को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्रकरण दर्ज कर चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
इस रेस्क्यू आपरेशन में किसी तरह का विलंब एवं उपेक्षा नहीं बरती गई थी। ग्राम बिरखा के श्री बहुर सिंग की निजी भूमि पर लगभग 60-70 वर्ष पुराने कुंए के अंदर चार ग्रामीण उतरे जिनमें से एक ग्रामीण श्री महेश मरकाम उम्र लगभग 45 वर्ष कुंआ धसकने से दब गया है। इसकी जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी गंडई उनकी टीम घटना स्थल पर पहुंचे। स्थानी जनप्रतिनिधि के सहयोग से तीन जेसीबी की सहायता से कुंए तक जाने के लिए रास्ता तैयार करते हुए दबे हुए व्यक्ति को निकालने के प्रयास किए गए। कुंए में पानी होने के कारण समय-समय पर पानी निकालने हेतु डीजल पंप की भी सहायता लेकर पानी निकालने का प्रयास किया गया लेकिन कुंए में भू-सतह से पुन: पानी आ जाने के कारण पानी खाली नहीं कराया जा सका। जेसीबी के माध्यम से कुंए की गहराई लगभग 20 से 22 फीट तक ही पहुंचा जा सकता था। लिहाजा घटना दिनांक को रात्रि 8-8.30 बजे तक रेस्क्यू चलाया गया। रात्रि समय में अंधेरा होने तथा संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू स्थगित किया गया। रेस्क्यू आपरेशन के दौरान कुंए में दबे हुए व्यक्ति को निकालने में सहयोग प्रदान करने जिला स्तर के अधिकारियों को सूचना देते हुए अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से जिला सेनानी राजनांदगांव से चर्चा की गई। जिला सेनानी से घटना के दूसरे दिन रेस्क्यू दल घटना स्थल पहुंचा लेकिन उन्हें भी असफलता मिली।
जेसीबी से आवश्यक सफलता नहीं मिल पाने के कारण पुलिस एवं अपने स्तर पर जेसीबी से बड़ा मशीन चेनवाला पोकलेन एवं पोकलेन को लाने हेतु शिफ्टर की हरसंभव तलाश की गई। तहसील मुख्यालय छुईखदान के एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने पोकलेन उपलब्ध कराने अपनी सहमति दी परंतु पोकलेन को घटना स्थल ले जाने हेतु शिफ्टर की अनुउपलब्धता बतायी गई। शिफ्टर के लिए तहसील मुख्यालय के ही एक अन्य ठेकेदार संतोख सिंह से चर्चा हुई। उसने तहसील मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर से शिफ्टर लाने की बात कही। 4 मई 2020 को सुबह लगभग 9-10 बजे श्री संतोष सिंह ने गाड़ी बिगड़ जाने की सूचना देते हुए शिफ्टर उपलब्ध कराने असमर्थता व्यक्त की। तत्पश्चात् पुन: अन्य स्रोतों से संपर्क करने से बड़ी मुश्किल से कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा तहसील से शिफ्टर मिलने पर यथा शीघ्र उसे छुईखदान भेजा गया जहां से पोकलेन को लेकर दोपहर लगभग 1.30 बजे घटना स्थल ग्राम बिरखा पहुंचा। घटना स्थल पहुंचने के तुरंत बाद कुंए में दबे हुए व्यक्ति को निकालने हेतु रेस्क्यू हेतु रेस्क्यू आपरेशन पुन: प्रारंभ किया गया जो शाम को लगभग 5-5.30 बजे के आस-पास महेश मरकाम पिता दशरथ उम्र लगभग 45 वर्ष की क्षत-विक्षत लाश टुकड़ों में पोकलेन की सहायता से निकाली गई। जिसका पोस्टमार्टम कराया गया, रिपोर्ट अभी लंबित है। प्रथम दृष्टता महेश मरकाम की मृत्यु कुंए के धसकने से पानी में डुबने से होना प्रतीत होता है।
