सूदखोरों से परेशान लोगों को अब मिलेगी राहत,
अनुविभाग स्तर पर समीक्षा के लिए संबंधित अनुविभाग मुख्यालय में एसपी न सिर्फ थानों के कामकाज को परखेंगे बल्कि वे आम लोगों से भी मुलाकात करेंगे। तय तिथि में लोग अपनी शिकायतों को लेकर सीधे एसपी से भी मिल सकते हैं।
राजनांदगांव/डोंगरगढ़। जमीन की खरीदी बिक्री में धोखा खाने या फिर ब्याज की रकम के बदले जमीन की रजिस्ट्री करा लेने और जमीन के कागजात रख लेने वाले सूदखोरों से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। पुलिस कप्तान जितेन्द्र शुक्ल ने ऐसे मामलों में पर्याप्त साक्ष्य होने की स्थिति में पीडि़त की शिकायत पर एफआईआर कर कार्रवाई करने के निर्देश थानों को दिए हैं। एसपी शुक्ल ने जिले के थानों के कामकाज में तेजी लाने और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए अनुविभाग स्तर पर मासिक समीक्षा की शुरुआत की है। समीक्षा की कडी़ के तहत एसपी शुक्ल ने राजनांदगांव और डोंगरगढ़ अनुविभाग के दौरे में थानों के पेंडिंग मामलों और लोगों की शिकायतों की पड़ताल कर कामकाज में तेजी और लोगों की शिकायतों के प्रति गंभीरतापूर्वक काम करने कहा है।

दिए गए यह निर्देश
बैठक में सर्वप्रथम अनुविभाग के थानों में लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान, शिकायत आदि की विस्तृत समीक्षा उपरांत निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। साथ ही थाना प्रभारियों को थाने में आने वाले शिकायतकर्ता की शिकायत को सुनकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया गया। एसपी शुक्ल ने कहा कि जमीन संबंधी शिकायतों में यदि प्रथम दृष्टया अपराध परिलक्षित हो तो तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
जमीन की खरीदी बिक्री में धोखा खाने या फिर सूदखोरों के जाल में फंसे लोगों की शिकायत पर ज्यादातर मामलों में कार्रवाई करने के बजाए पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य अपराध का धारा 155 के तहत इस्तगाशा काट कर पीडि़त को दे देती थी और इस आधार पर पीडि़त न्यायालय की शरण में जाता था। हालांकि पूर्व में ला एंड आर्डर और अन्य मामलों की कमी होने पर पुलिस ऐसे मामलों में भी मेहनत करती थी। अब लोगों को फिर से त्वरित राहत मिल सकती है।
एसपी शुक्ल ने जिले के सभी थानों को जन-सुविधा केन्द्र के रुप में पहचान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों के इन्फ्रास्ट्रक्चर, रख-रखाव, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। एसपी ने निर्देश दिया कि थाना और चौकी प्रभारी के साथ ही थाना के समस्त कर्मचारियों को आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार कर जनता में भरोसा कायम करना होगा। उन्होंने थाना और चौकी परिसर में पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक शुक्ल ने वर्तमान में कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुए पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान कोरोना महामारी से बचाव एवं सुरक्षा हेतु मास्क एवं सेनेटाईजर का उपयोग करने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने निर्देशित किया।
बुधवार को डोंगरगढ़ अनुविभाग के थानों में लंबित अपराध, मर्ग, चालान, गुम इंसान आदि प्रकरणों की समीक्षा बैठक एसपी शुक्ल ने थाना डोंगरगढ़ में ली। बैठक में एएसपी गोरखनाथ बघेल, एसडीओपी चंद्रेश ठाकुर, डोंगरगढ़ थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो, छुरिया थाना प्रभारी केपी मरकाम, थाना प्रभारी बोरतालाब अब्दुल समीर, थाना प्रभारी बागनदी कार्तिकेश्वर जांगड़े, जोब चौकी प्रभारी मोहरसाय लहरे, मोहारा चौकी प्रभारी योगेश अग्रवाल, चिचोला चौकी प्रभारी अजयकांत तिवारी चौकी प्रभारी चिचोला उपस्थित हुए।
जनता की शिकायतों पर गंभीरता से करें काम
अनुविभाग स्तर पर समीक्षा के लिए संबंधित अनुविभाग मुख्यालय में एसपी न सिर्फ थानों के कामकाज को परखेंगे बल्कि वे आम लोगों से भी मुलाकात करेंगे। तय तिथि में लोग अपनी शिकायतों को लेकर सीधे एसपी से भी मिल सकते हैं।
कब कहां जाएंगे
- माह का प्रथम सोमवार – कार्यालय नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
- माह का प्रथम बुधवार – कार्यालय पुलिस अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
- माह का द्वितीय बुधवार – कार्यालय पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गंडई एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
- माह का तृतीय बुधवार – कार्यालय पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अं. चौकी एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
- माह का चतुर्थ बुधवार – कार्यालय पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
- माह का पंचम बुधवार (यदि हो) अन्यथा अंतिम शनिवार – कार्यालय पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मानपुर एवं उनके अधिकार क्षेत्र के थाने।
