कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के चलते जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव में ध्वनि विस्तार यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीजे सहित अन्य साउंड सिस्टम बजाने पर मनाही कर दी गई है। इससे साउंड सिस्टम संचालकों में भारी रोष है। बुधवार को साउंड सिस्टम कल्याण संघ ने डीजे बजाने की अनुमति देने की मांग करते हुए रैली निकाली फिर कलेक्टोरेट का घेराव किया।
डीजे वालों ने कहा कि दो साल से साउंड सिस्टम नहीं बजाने की वजह से आर्थिक रूप से परेशान हो गए हैं। यहां तक परिवार का गुजर-बसर मुश्किल हो गया है। वहीं बैंक का कर्ज अदा नहीं कर पा रहे हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुमति नहीं दी जाएगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डीजे संचालकों ने स्टेट हाई स्कूल परिसर से रैली निकाली। अनुमति की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब दूसरे आयोजनों में साउंड सिस्टम बजाया जा रहा है। राजनीतिक रैलियों और सभाओं में इसका इस्तेमाल हो रहा है तो फिर गणेशोत्सव में डीजे बजाने की अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं। कोरोनाकाल में करीब डेढ़ साल से कारोबार पूरी तरह से ठप है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
गणेशोत्सव ही बड़ा सीजन
बताया कि गणेशोत्सव ही सबसे बड़ा सीजन होता है। इसी दौरान ही अच्छी कमाई होती थी, जिससे सालभर परिवार को गुजर-बसर कर पाते थे पर कोविड प्रोटोकाल ने परेशान कर दिया है। कहा कि प्रशासन समस्याओं को देखते हुए जल्द ही कोई निर्णय ले ताकि मजबूर होकर उग्र प्रदर्शन न करना पड़ जाएगा। साउंड सिस्टम संचालक कलेक्टोरेट के गेट के सामने धरने पर भी बैठे रहे।
एक भी बुकिंग नहीं मिली
यूनियन के पदाधिकारी सीधे कलेक्टर से मिलकर समस्या बताना चाह रहे थे पर इन्हें दूसरे नंबर गेट पर रोक दिया गया। डिप्टी कलेक्टर गेट के पास पहुंचे तब यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि निर्णय लेने में कलेक्टर सक्षम हैं तो फिर जल्द राहत दी जाए,क्योंकि दो दिन के बाद से गणेशोत्सव शुरू होने वाला है। प्रोटोकॉल के चलते गणेशोत्सव समितियों की ओर से बुकिंग भी नहीं कराई जा रही है।
रोजी-रोटी का सवाल, करेंगे उग्र आंदोलन
यूनियन के सदस्यों ने बताया कि साउंड सिस्टम से कई परिवारों का गुजर बसर होता है। इस सिस्टम चलाने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी रखने पड़ते हैं। इन कर्मचारियों की माली हालत भी खराब हो गई है। यूनियन ने 24 घंटे के भीतर निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी भी दी है कि वे सड़क पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। साउंड सिस्टम संचालकों को भाजयुमो नेता वरूण पांडे ने भी समर्थन दिया। कहा कि सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी का सवाल है। इसलिए प्रशासन को गंभीरता से विचार कर अनुमति देनी चाहिए।
