कचांदुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज 6 सितंबर सोमवार से अस्तित्व में आ जाएगा। हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चल और अचल संपत्तियों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। सोमवार से इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए काम शुरू होगा।
नियुक्त किए गए तीनों अधिकारी अब नियमित मेडिकल कॉलेज में बैठेंगे। एडीएम नुपूर राशि पन्ना की देख-रेख में प्रारंभिक गतिविधियां संचालित होंगी। प्रभारी डीन डॉ. पीके पात्रा कॉलेज के कुल 22 विभागों और प्राध्यापक डॉ. निर्मल वर्मा संबद्ध अस्पताल के संचालन पर फोकस करेंगे। 6 महीने में तीन अधिकारियों द्वारा चल व अचल संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट के साथ ही कॉलेज व अस्पताल शुरू करने के लिए जरूरतों को ब्योरा सौंपा जाएगा। कॉलेज में 193 डॉक्टरों सहित करीब 800 स्टॉफ की नियुक्ति भी की जाएगी।
शासन से आदेश जारी होने के बाद गतिविधियां हुई तेज
राजपत्र आने के बाद शनिवार की शाम जिला प्रशासन ने पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर को अपने अधिपत्य में ले लिया। शासन से नियुक्ति विशेष अधिकारी नुपूर राशि पन्ना के छुट्टी पर होने से अपर कलेक्टर वी बी पंच भाई की अगुवाई में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कॉलेज द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेज का संचालन स्पष्ट नहीं
सीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मेडिकल कॉलेज परिसर में ही नर्सिंग कॉलेज भी संचालित किया जा रहा था। कॉलेज के अधिग्रहण संबंधी राजपत्र में इसका उल्लेख नहीं होने से नर्सिंग का आगे क्या होगा, कुछ स्पष्ट नहीं है। फिलहाल यहां की तय सीट अनुसार बच्चे दाखिला लिया है। उनकी क्लासें भी रेगुलर चलती रही है।
मेडिकल कॉलेज में संचालित होंगे विभाग
बायोकैमिस्ट्री, पैथालॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, साइकोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसीन, जनरल मेडिसीन, टीबी व चेस्ट, डेर्माटोलॉजी, साइकेट्री, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक, ईएनटी, ऑप्थेमोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक एंड गायनिक, पीडियाट्रिक, रेडियोलॉजी, फोरेंसिक मेडि., फर्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटमी, एनेस्थेसिया-लॉजी, इमरजेंसी मेडिसीन।
अस्पताल में इस विभाग के इतने बेड रिजर्व रहेंगे
130 बेड जनरल मेडिसीन, 75 बेड बच्चों के लिए, 20 बेड सांस की समस्या, 10 बेड चमड़ी रोग संबंधी, 20 बेड मनोरोगियों के लिए, 130 बेड जनरल सर्जरी के लिए, 75 बेड हड्डी रोग के लिए, 20 बेड आंख के ऑपरेशन, 20 बेड नॉक, कान व गला, 50 बेड डिलवरी व सर्जरी, 50 बेड स्त्री संबंधी रोगों, 10 बेड आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट), 10 बेड आईसीसीयू (हार्ट रोगियों के लिए), 10 बेड पीआईसीयू (क्रिटिकल बच्चों के लिए), 10 बेड एनआईसीयू, 10 बेड ऑब्सटेट्रिक आईसीयू।
