जिले में खाद की कमी के बीच कालाबाजारी भी खूब हो रही थी। यूरिया खाद को डबल रेट पर बेचा जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायत को देखते हुए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने रातों-रात टीम का गठन किया और अफसरों को रेलवे स्टेशन के रेक पॉइंट पर तैनात किया। रविवार सुबह 6.30 बजे मालगाड़ी के पहुंचते ही अफसरों ने इफको कंपनी की 2280 मीट्रिक टन खाद की जब्ती बनाई।
खाद की यह रैक प्राइवेट फर्म के लिए मंगाई गई थी, जिसे डबल रेट पर किसानों को बेचा जाता। प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाइ की तो कुछ व्यापारियों ने रेलवे के अफसरों से जमकर बहस की। हालांकि अफसरों ने व्यापारियों की एक नहीं सुनीं और सीधे जब्ती बनाकर खाद को सोसाइटियों के लिए रवाना कर दिया। इस कार्रवाई से कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। जब्त की गई खाद की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए बताई गई है।
सुबह ही पहुंच गए थे
मालगाड़ी के पहुंचने की टाइमिंग 7 बजे बताई गई थी पर मालगाड़ी 6 बजे राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में पहुंच गई। अफसरों की टीम साढ़े 6 बजे स्टेशन पहंुचीं और तत्काल कार्रवाई शुरू की। कुछ व्यापारी भी मौके पर पहुंचे और खाद की जब्ती का विरोध करने लगे।
लगभग 8 करोड़ की खाद
खाद की बिक्री कर कालाबाजारी करने वाले डबल रेट के हिसाब से 8 से 16 करोड़ में खाद की बिक्री करते। हालांकि प्रशासन की सख्ती के चलते यह बड़ी खेप प्राइवेट सेक्टर में जाने से बच गई। बताया गया कि कलेक्टर को सूचना मिली थी कि बड़े पैमाने पर यूरिया खाद की रैक नांदगांव पहंुचने वाली है।
