पेन्ड्री की कृषि भूमि में अवैध काॅलोनी निर्माण के उद्देश्य से छोटे भूखं़डों में काटे जाने पर संबंधित भू-स्वामियों को नगर निगम द्वारा वर्ष 2018 से नोटिस जारी किया जा रहा था। किन्तु उक्त भूस्वामियों ने नोटिस का संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इस संबंध में पूर्व में भी थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने पत्र भेजा गया था।
इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं होने पर एवं भू-स्वामियों के द्वारा आज अब तक संपर्क नहीं कर अवैध रूप से भू विक्रय करने पर पेन्ड्री क्षेत्र के 24 भूस्वामियों के विरूद्ध नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने एफआईआर दर्ज कराने एसपी को पत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि पेन्ड्री वार्ड नं. 20 मे 5 भूमि स्वामियों सुखबती बाई, विकला बाई, निलेश देवगांगन, बलवंत, संजय पुगलिया ने काॅलोनी निर्माण के उद्देश्य से कृषि भूमि में सड़क आदि का विकास कार्य किया। 19 भूस्वामियों कृतराम, श्यामलाल, कलाबती, चरणराम लहरे, उदय राम भूषण, कृपाराम गोड़, प्रेमनिधि, रितू डागा, ठाकुरराम धनीराम, श्रवण बलवंत, श्यामलाल, रेखालाल, देवेन्द्र साहू, अशोक चौधरी, उषादेवी चौधरी, धन्नूराम व रोहित ने अवैध रूप से बिना काॅलोनाइजर रजिस्ट्रीकरण प्राप्त किए कृषि भूमि को भूखंड में बांटा गया। यह धारा 292 वर्णत प्रावधानों का उल्लंघन है। अन्य क्षेत्रों के भी भूस्वामियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में सजा का प्रावधान भी है
आयुक्त डॉ.चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने भी शासन के नियमों के तहत काॅलोनाइजरों व भूस्वामियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292-ग (2) अनुसार काॅलोनी निर्माण करने या कोई अन्य व्यक्ति जो काॅलोनी स्थापित करने के उद्देश्य से अपनी भूमि को या किसी अन्य व्यक्ति की भूमि को इस अधिनियम व नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए विभाजित करता है, वह अवैध काॅलोनी निर्माण का अपराधकर्ता है, जो नियम 292-ग (3) को कम से कम 3 वर्ष और अधिक से अधिक 7 वर्ष के कारावास व न्यूनतम 1 लाख के जुर्माने से न्यायालय द्वारा दंडित करनेे का प्रावधान है।
