नगर निगम में दुकान आवंटन को लेकर खड़ा हुआ विवाद बढ़ता ही जा रही है। बाजार विभाग की एमआईसी मेंबर सुनीता फड़नवीश ने कहा कि उन्हें 45 दिन बाद भी सदन में उठाए सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है। इससे स्पष्ट है कि आयुक्त उनके अधिकारों का हनन किया गया है।
बाजार विभाग की एमआईसी मेंबर सुनीता फड़नवीश ने अपने ही महापौर पर नियम विपरीत दुकानों के आवंटन का आरोप लगाया था, इस मुद्दे को बजट सभा में उठाते हुए उन्होंने कहा था कि बाजार विभाग की सहमति के बिना दुकानों का आवंटन नहीं किया जा सकता। लेकिन निगम प्रशासन ने दुकानों के आवंटन के लिए उनसे कोई सहमति नहीं ली और दुकानों का आवंटन कर दिया। तब सदन में आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जवाब दिया था कि दुकान आवंटन में बाजार विभाग के एमआईसी मेंबर की सहमति जरुरी नहीं हैं। इस पर फड़नवीस ने उन्हें लिखित में जवाब देने की बात सदन में की थी। फड़नवीस ने कहा कि उन्हें 45 दिन बाद भी आयुक्त की ओर से लिखित जवाब नहीं दिया गया है।
बहिष्कार करने की बात कही: निगम में एमआईसी की बैठक शुक्रवार को होने वाली थी, इसके पहले ही सुनीता फड़नवीस ने बैठक का बहिष्कार करने की बात कही थी। हालाकि महापौर के दिल्ली चले जाने के चलते एमआईसी की बैठक नहीं हो सकी। एमआईसी मेंबर फड़नवीस ने कहा कि उन्हें जब तक जवाब नहीं मिलता, वे एमआईसी की बैठक में शामिल नहीं होंगी।
