डोंगरगढ़। नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ का 58 वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि विधायक एवं अध्यक्ष अजा विकास प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भूतपूर्व नपा अध्यक्ष व एलुमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज मेश्राम, चंद्रगिरि ट्रस्ट अध्यक्ष किशोर जैन, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल, अनिल गट्टानी, अनिल मेश्राम व अन्य उपस्थित रहे। प्राचार्य डा.केएल टांडेकर द्वारा महाविद्यालय के संस्थापक मंडल के उत्तराधिकारियों में किशोर जैन, नारायण लाल अग्रवाल, अनिल गट्टानी, राजेंद्र कुमार जैन, कुलवंत सिंह भाटिया, निशांत जैन, आनंद कोठारी, केशव अग्रवाल, बिरदीचंद भंडारी एवं एलके नारंग, रामजी तराने का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही जो सदस्य उपस्थित नहीं हो पाए उन्हें भी ससम्मान याद किया गया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं महाविद्यालय के एलुमिनी एसोसिएशन के सचिव केएल नारंग द्वारा बताया गया कि सन 1964 में स्थापित महाविद्यालय भवन का कार्य होते हुए निर्माण कार्य के वे प्रत्यक्षदर्शी हैं। शहर के गणमान्य नागरिकों के आर्थिक सहयोग एवं श्रमदान से महाविद्यालय के लिए चार कमरे, निर्मित किये गए थे। इसके पहले महाविद्यालय जयस्तंभ चौक के एक भवन में संचालित होता था। उनके नानाजी महंत मगनदास कार्यालय प्रभारी नियुक्त किए थे। उच्च शिक्षा का उठाया बीड़ा : चंद्रगिरि ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर जैन ने बताया कि 1960 के दशक में डोंगरगढ़ में शिक्षा की कोई सुविधा नहीं थी। तब विद्या परिषद द्वारा स्कूल चलाया जाता था। आर्थिक समस्याओं के कारण माता-पिता अपने बच्चों को बाहर विद्या अर्जन के लिए नही भेजते थे। तब स्व.सिंघई शिवलाल जैन, स्व.भागचंद जैन, स्व.बालचंद लालचंद भैया, स्व.मोतीलाल वोरा, स्व.जुगल किशोर मुसद्दीलाल, स्व. लूनकरण व अन्य द्वारा उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय का बीड़ा उठाया गया। मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना में कई लोगो को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग रहा।
विधायक भुनेश्वर बघेल ने कहा कि इस महाविद्यालय से अनेक विद्यार्थी अध्ययन कर विभिन्ना प्रशासनिक एवं शासकीय सेवाओं में उच्च पदों पर आसीन हैं, जो महाविद्यालय परिवार एवं शहर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने महाविद्यालय के पुराने भवन में क्रीड़ा के क्षेत्र में शहर के युवाओं को आगे लाने के लिए बीपीएड पाठ्यक्रम खोलने, साथ ही महाविद्यालय के पुराने भवन में महिला महाविद्यालय एवं डीएडबीएड कालेज खोलने का आश्वासन दिया।
