छुरिया। बिजली की अघोषित कटौती और वोल्टेज की समस्या को लेकर छुरिया-चिचोला के ग्रामीण उपभोक्ताओं ने नेशनल हाइवे को तीन घंटे तक जाम रखा। हाइवे पर बैठकर ग्रामीणों ने विद्युत कंपनी के अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे व विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षक यंत्री सलीम खरे सहित विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को समझाइश भी दी, लेकिन गुस्साएं ग्रामीणों ने अफसरों की एक नहीं सुनी। करीब पौने तीन घंटे बाद दोपहर एक बजे जब अफसरों ने लिखित में उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण हाइवे से किनारे हुए।
इसके बाद हाइवे में लगी जाम को क्लीयर कराया गया। क्षेत्र के उपभोक्ता छुरिया सब स्टेशन के सामने आंदोलनरत थे। सात सूत्रीय मांगों को लेकर डटे उपभोक्ताओं की मांगों पर जब विचार नहीं किया गया तो सोमवार को छुरिया से चिचोला पहुंचकर हाइवे में चक्काजाम किया। विभागीय अफसरों ने गुस्साएं उपभोक्ताओं करे 65 दिनों के व्यवस्था सुधार करने का भरोसा दिया है।
सुबह से हाइवे में डटे ग्रामीण किसान : छुरिया-चिचोला क्षेत्र में अघोषित बिजली की कटौती से आम उपभोक्ताओं के साथ किसान परेशान हैं। पिछले डेढ़-दो माह से समस्या बढ़ गई है। बिजली गुल व वोल्टेज नहीं होने के कारण किसान बोरवेल से फसलों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इसको लेकर ही ग्रामीण उपभोक्ता आक्रोशित होकर छुरिया विद्युत सब स्टेशन के सामने आंदोलन कर रहे थे। पिछले 13 अगस्त से उपभोक्ता यहां दिन और रात दोनों समय डटे थे। इन्हीं मुद्दों को लेकर उपभोक्ताओं ने चिचोला में छुरिया मोड़ पर हाइवे को जाम किया। सुबह दस बजे से ही ग्रामीण यहां हाइवे में एकजुट होते गए, फिर बिजली संकट के विरोध में चक्काजाम किया।
प्रदर्शनकारी उपभोक्ताओं ने सात सूत्रीय मांग रखी है। जिसमें छुरिया सब स्टेशन में 132 केव्ही स्थापित, लो-वोल्टेज की समस्या खत्म करने, अघोषित कटौती बंद कराने, 33 केव्ही डोंगरगांव से छुरिया लाने, किसानों से ली गई डिमांड राशि से तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने, भार अनुरूप ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने और रोज फेस बदलने की समस्या को दूरकर करने की मांग की है। उपभोक्ताओं की मांगों पर अधीक्षण यंत्री सलीम खरे ने कहा कि 33 केव्ही लाइन जो डोंगरगांव अमलीडीह से छुरिया लाने की कार्रवाई अभी से शुरू कराएंगे।
