मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन ने बसंतपुर स्थित मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट के ऑपरेशन थियेटर में रखे उपकरणों को पेंड्री शिफ्ट कर दिया है। इसका खामियाजा गर्भवतियों को भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टर और स्टाफ की भी कमी है। इसलिए यहां सिजेरियन डिलीवरी बंद कर दी गई है। दूरदराज से प्रसव पीड़ा के साथ अस्पताल पहुंच रहीं महिलाओं को भर्ती नहीं ले रहे हैं बल्कि दुर्ग, भिलाई, रायपुर जाने या फिर शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में डिलीवरी कराने की सलाह देकर लौटाया जा रहा।
अस्पताल की शिफ्टिंग के बाद लगातार ऐसी शिकायत आने पर भास्कर टीम ने रात को 11 बजे मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में दस्तक दी। यहां खैरागढ़ क्षेत्र से आई एक गर्भवती को यह कहकर लौटा दिया गया कि यहां पर ऑपरेशन थियेटर में लैम्प सहित अन्य उपकरण नहीं है। इसलिए इमरजेंसी में ऑपरेशन नहीं कर पाएंगे। महिला के परिजनों को सलाह दी गई कि रायपुर ले जाएं पर परिजन आर्थिक रूप से परेशान थे। इसलिए रायपुर ले जाने की बजाए शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाकर डिलीवरी कराई।
परिजनों ने बताया कि प्राइवेट में 10 से 12 हजार रुपए खर्च करने पड़ गए। इसी तरह साल्हेवारा क्षेत्र से पहुंची एक गर्भवती को भी लौटा दिया गया। महिला की एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद यह कह दिया गया कि ऑपरेशन की नौबत आ सकती है। इसलिए यहां रिस्क नहीं ले सकते। परेशान परिजन महिला को रायपुर लेकर गए। परिजनों ने बताया कि गायनिक डिपार्टमेंट में मौजूद कर्मचारी प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाने सलाह दे रहे हैं, जबकि प्राइवेट में आयुष्मान कार्ड के बाद भी अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं।
जल्द ही व्यवस्था कराएंगे: सिविल सर्जन यूएस चंद्रवंशी ने बताया कि शिफ्टिंग के दौरान ओटी के कुछ सामान पेंड्री ले गए हैं। इसलिए दिक्कत आ रही है। जल्द ही उपकरणों की व्यवस्था करेंगे।
जांच की सुविधा भी नहीं
बसंतपुर अस्पताल में सैंपल जांच की भी सुविधा नहीं है। गर्भवतियों को डिलीवरी के पहले विभिन्न जांच करानी पड़ती है। लैब का पूरा सेटअप पेंड्री शिफ्ट कर दिया गया है। इसलिए बिना जांच के ऑपरेशन भी नहीं कर सकते। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से एमसीआई के निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए गायनिक डिपार्टमेंट को शिफ्ट नहीं किया गया है पर यहां डॉक्टर हैं और न ही उपकरण रखे गए हैं।
कर्मी कर रहे दुर्व्यवहार
यहां अस्पताल परिसर में मेटास कंपनी की ओर से सुरक्षा कर्मी रखे गए हैं। रात शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले सुरक्षा कर्मी दूरदराज से पहुंचे मरीजों और परिजनों से अच्छा व्यवहार नहीं करते। परिजनों को अस्पताल परिसर से बार-बार खदेड़ देते हैं। गुरुवार रात को भी सुरक्षा कर्मी लोगों से दुर्व्यवहार करते नजर आए।
