राजनांदगांव । नागपंचमी के अवसर शुक्रवार को शहर के मछुवारापारा स्थित नागेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव संग नाग देवता की विधि विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की ।
सनातन परंपरा में नागों की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान शिव का आभूषण माने जाने वाले नाग देवता की नागपंचमी के दिन विशेष पूजा की जाती है। शहर में इसकी वर्षों पुरानी परंपरा है। इसी कडी में नाग पंचमी के अवसर पर शहर के मछुवारापारा स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव संग नाग देवता की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने नागेश्वर महादेव में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। मोहल्लावासियों ने बताया कि यहां पर वर्षो पुरानी नागेश्वर महादेव मंदिर विराजमान है। जहां बडी संख्या मेंश्रद्धालु यहां पहुंचकर नागेश्वर महादेव के दर्शन लाभ प्राप्त करते हैं। प्रत्यक्ष दर्शियो का कहना है कि यहां पर एक नाग का जोडा है जो कि मंदिर में विचरण करते रहता है ,लेकिन आज तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है।
मंदिर के पुजारियों ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा के साथ उनके गले में हार की तरह सुशोभित नाग देवता की पूजा का भी विशेष महत्व है। सावन मांस की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का महापर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा का न सिर्फ धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय महत्व भी है नाग पंचमी के दिन शिव भक्त तमाम तरह की मंगलकामनाओं के साथ कुंडली से जुड़े कालसर्प दोष को दूर करने के लिए विधि-विधान से नाग देवता का पूजन और दर्शन करते हैं।
