राजनांदगांव। बसंतपुर से मेडिकल कालेज अस्पताल अब पेंड्री में शिफ्ट हो गया है। अस्पताल नेशनल हाइवे से करीब डेढ़-दो किमी दूर भी है। इसके कारण मरीजों व उनके स्वजनों को मेडिकल अस्पताल जाने का किराया ही इलाज से महंगा पड़ रहा है।
सामान्य दिनों में पेंड्री का किराया दस रुपये था, लेकिन अब मेडिकल अस्पताल पेंड्री में शिफ्ट होने के बाद अस्पताल के नाम पर किराया बढ़ा दिया गया है। अस्पताल जाने वाले लोगों ने 20 से 30 रुपये किराया लिया जा रहा है। शहर के भीतर से ही अस्पताल जाने वालों से आटो-रिक्शा वाले अनाप-शनाप किराया वसूल रहे हैं। इसको लेकर लोगों की नाराजगी भी बढ़ गई है।
बढ़ गई मनमानी : मेडिकल अस्पताल के पेंड्री में शिफ्ट होने के बाद लोगों को इलाज के लिए बसंतपुर से पेंड्री जाना पड़ रहा है।
नए मरीजों को मेडिकल अस्पताल में ही भर्ती लिया जा रहा है। इसलिए परेशानी बढ़ गई है। बड़ी बात तो यह है कि बसंतपुर जिला अस्पताल से ही पेंड्री मेडिकल कालेज अस्पताल का किराया 30 से 50 रुपये बताया जा रहा है। इसको लेकर मरीजों के साथ आए स्वजन परेशान हो गए हैं। महावीर चौक व पोस्ट आफिस चौक से पेंड्री का किराया अस्पताल जाने के नाम पर 20 से 30 रूपये लिया जा रहा है।
कोई नया मरीज नहीं कोरोना संक्रमण से लगातार राहत वाली खबर मिल रही है। टीका लगवाने वालों की संख्या आठ लाख से अधिक हो चुकी है। इस बीच शुक्रवार को जिले में कोई भी नया मरीज नहीं मिला। सक्रिय सात मरीजों में से दो को स्वस्थ होने पर छुट्टी भी मिल गई।
डिले में अब तक 57196 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से स्वस्थ हो चुके मरीजों की संख्या 56668 है। अब तक 523 की मौत हुई है। इस तरह रिकवरी रेट शत-प्रतिशत हो गई है। शुक्रवार को दो की छुट्टी के बाद अस्पताल में अब तीन ही मरीज बाकी रह गए हैं। दो का उपचार घर पर ही चल रहा है। शुक्रवार को भी जिले में कुल दो हजार से अधिक सैंपलों की जांच की गई। इनमें एंटीजन टेस्ट डेढ़ हजार से अधिक किए गए। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव रही। इस तरह संक्रमण की दर लगातार शून्य पर ही बनी हुई है।
टीकाकरण पर दे रहे जोर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया कि प्रशासन का पूरा जोर टीकाकरण पर है। लक्ष्य 11.30 लाख का है। इनमें से अब तचक आठ लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर टीकाकरण की गति ओैर बढ़ाई जाएगी।
अस्पताल तक जाने का अतिरिक्त किराया अगर लोगों को मेडिकल अस्पताल के गेट तक जाना है, तो उनसे एकस्ट्रा किराया लिया जा रहा है। क्योंकि अस्पताल हाइवे से करीब डेढ़ से दो किमी अंदर है। इस कारण लोगों को आने-जाने में अस्पताल दूर लग रहा है। अस्पताल में ओपीडी पहले दिन की तुलना में बढ़ गई है। चौथे दिन मेडिकल अस्पताल में 265 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे, वहीं 38 मरीजों को भर्ती किया गया है।
