दुर्ग कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को पचरीपारा स्थित निजी गोल्ड लोन कंपनी में डकैती की फिराक में घुसे कैटरिंग व्यवसायी विनय बाफना को जेल भेज दिया है। उसने ढाई करोड़ रुपए कर्जा चुकाने के लिए 6 महीने पहले डकैती की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए यूपी,राजस्थान और मध्यप्रदेश के गैंगस्टर्स की जानकारी जुटाई। इसके बाद उनके गिरोह में शामिल शूटर्स से संपर्क किया। 1 लाख रुपए में सौदा तय होने के बाद वह छतरपुर के आरोपी आदर्श को लेकर दो दिन पहले दुर्ग आ गया था। आरोपी ने महिला कर्मचारी से लूटा मोबाइल फेंक दिया है। वह 34 हजार रुपए लेकर भागा है।
मास्टर माइंड न्यायिक रिमांड में भेजा गया जेल
डकैती की योजना का मास्टरमाइंड पद्भनाभपुर निवासी विनय का इलाज कराने के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर दिया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 2009 से 2015 तक उसका कैटरिंग का व्यवसाय ठीक था। वह अपनी पत्नी संजू के नाम से कैटरिंग का व्यवसाय करता था। एक ऑर्डर में उसे करीब 7 लाख रुपए का फायदा होता था। वर्ष 2015 से 2017 के बीच वह कंगाल होने लगा। इससे उस पर कर्जा होने लगा। बैंक का कर्जा नहीं पटा पाने के कारण उसका पांच मंजिला मकान भी सील कर दिया।
