मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को पेंड्री स्थित नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है। इधर जिला अस्पताल का संचालन तो शुरू हुआ है पर संसाधन और कर्मचारियों की कमी के चलते व्यवस्था लड़खड़ा गई है। मशीनों की कमी भी सामने आ रही है। इस वजह से मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। यहां तक दवाइयों के साथ ही फर्नीचर तक का अभाव बना हुआ है। अब जल्द ही जीवनदीप समिति के फंड से अस्थायी रूप से कर्मचारियों की नियुक्ति के साथ ही संसाधनों की व्यवस्था होगी। फर्नीचर और कम्प्यूटर की खरीदी के लिए जीवनदीप फंड से 5 लाख रुपए की स्वीकृति भी कर दी गई है।
मरीजों को असुविधा होने की सूचना के बाद कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, एसपी डी श्रवण एवं सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। हर वार्ड में दस्तक दी। मरीजों से पूछताछ की। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल पहले की तरह व्यवस्थित करना है। इलाज से संबंधित हर तरह की सुविधाएं यहां मुहैया कराई जाएगी।
ओपीडी में मरीजों की भीड़
इधर पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। यहां ऑनलाइन टोकन तो जारी किया जा रहा है पर काउंटर की संख्या कम होने की वजह से मरीजों को लंबी लाइन में देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को विभागों को जानकारी देने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई है।
अस्पताल के लिए जरूरी उपकरणों की होगी खरीदी
कलेक्टर ने आवश्यक उपकरणों की सूची बनाकर तत्काल संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र भेजने के लिए सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया। जीवनदीप समिति के माध्यम से जिला अस्पताल के लिए चतुर्थ श्रेणी स्टाफ की अस्थाई रूप से नियुक्ति की जाएगी। सिविल सर्जन यूएस चंद्रवंशी ने बताया कि जिला अस्पताल के समुचित संचालन के लिए चिकित्सकों और नर्सिंग स्टॉफ के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा जाएगा। मेडिकल कॉलेज के शिफ्टिंग के कारण मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एवं 6 नर्सिंग स्टॉफ तथा बहुत से जरूरी उपकरण आदि मेडिकल कॉलेज पेंड्री में चले गए हैं। े जिला अस्पताल बसंतपुर में मरीजों को असुविधा होने लगी है।
पेंड्री अस्पताल परिसर में कैंटीन की सुविधा नहीं
पेंड्री स्थित अस्पताल परिसर में कैंटीन नहीं है। दूरदराज से आए मरीजों और मददगारों को चाय, नाश्ता तक नहीं मिल रहा है। बताया गया कि डीएमई की ओर से बसंतपुर कैंटीन का टेंडर किया गया था। उक्त फर्म को पेंड्री स्थित बिल्डिंग में जगह मुहैया नहीं करा रहे हैं। इसके चलते वहां कैंटीन नहीं खुल पा रहा है। जबकि उक्त फर्म का टेंडर का समय अभी बचा है।
मरम्मत कार्य शुरू होगा
समिति के फंड से भवन का रंगरोगन, वार्ड और शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। कलेक्टर ने सीजीएमएससी के अफसरों को निर्देशित किया है कि जल्द ही मरम्मत कार्य को शुरू कराएंगे। बिल्डिंग पुरानी होने की वजह से छत में सीपेज की समस्या भी होने लगी है। कुछ वार्डों में शौचालय खस्ताहाल है। पर्याप्त पानी नहीं आने की भी समस्या बनी हुई है।
