राजनांदगांव। विश्व आदिवासी दिवस पर सोमवार को जिला मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज का बड़ा कार्यक्रम हुआ। कलेक्टोरेट के सामने फ्लाइओवर के नीचे एकजुट हुए जिलेभर के सामाजिक लोगों ने एसडीएम मुकेश रावटे को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें आदिवासी समाज ने अपनी विभिन्ना मांगें रखी है। इस दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर आदिवासी समाज ने बाइक रैली व पैदल जुलुस निकालकर सामाजिक ताकत भी दिखाई। जुलुस में समाज के पदाधिकारी अपनी पुस्तैनी तलवार, फरसा व अन्य हथियार लेकर भी शामिल हुए।
आदिवासी समाज की बड़ी रैली को लेकर पुलिस की तैनाती भी की गई थी। रैली कलेक्टोरेट के बाद गौरव पथ स्थित आडिटोरियम भी पहुंची, जहां समारोह का समापन किया गया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष यशवंत घावड़े, कंवर समाज के संरक्षक सीएल चंद्रवंशी, केंद्रीय गोंड़वाना महासभा के प्रवक्ता विष्णुदेव ठाकुर, उदय नेताम, दिनेश कुरेटी व सुदेश टीकम सहित पदाधिकारी और समाज के पुरुष व महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रही।
रैली के रूप में शक्ति प्रदर्शन
आदिवासी समाज की बाइक रैली में जिलेभर से सामाजिक लोग शामिल हुए। ब्लाक मुख्यालयों में बाइक रैली कर समाज के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे। शहर में कलेक्टोरेट के सामने से होकर महावीर चौक होते हुए जय स्तंभ चौक से मानव मंदिर चौक होकर रैली गुरुनानक चौक से वापस कलेक्टोरेट पहुंची। बाइक रैली के साथ समाज के लोगों ने पैदल जुलुस भी निकाली। रैली की शक्ल में समाज के लोगों ने शक्ति प्रदर्शन कर सामाजिक ताकत भी दिखाई। जिसमें जिलेभर के पदाधिकारी व समाज के लोग शामिल हुए।
राज्यपाल और सीएम के नाम ज्ञापन
मुख्य समारोह के दौरान आदिवासी समाज ने एसडीएम मुकेश रावटे को राज्यपाल अनुसुइया उइके व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें विभिन्ना मांगों को पूरा करने की मांग समाज के पदाधिकारियों ने की है। समाज ने सिलगेर मामले में न्याय की गुहार भी लगाई है। इसके अलावा शासकीय नौकरी में बैकलाग व नई भर्ती में आरक्षण रोस्टर लागू करने, पांचवी अनुसूची क्षेत्र में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भर्ती में शत-प्रतिशत आरक्षण लागू करने व अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की है।
सभा में गरजे पदाधिकारी
कलेक्टोरेट के सामने फ्लाइओवर के नीचे सभा भी हुई। इसमें समाज के पदाधिकारी सरकार पर गरजे। कंवर समाज के संरक्षक सीएल चंद्रवंशी ने कहा कि मुख्य मांगों में सिलगेर मामला है। जिसमें मारे गए लोगों के स्वजनों को 50-50 लाख रूपये और घायलों को पांच लाख रूपये के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग है। इसके अलावा भी कई मांग हैं। इन सभी मांगों को सरकार को पूरा करना होगा।
राज्य सरकार खुद को आदिवासी हितैषी बताती है, तो भी आदिवासियों की मांगें लंबित क्यों है। सभी मांगों को पूरा कर सरकार खुद आदिवासी हितैषी बताए। विष्णुदेव ठाकुर ने कहा कि समाज लंबे समय से अपनी मांगों से शासन-प्रशासन को अवगत करा रहे हैं। पर समाज की मांग अधूरी ही है। समाज को अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा।
