साल्हेवारा के बृज पेट्रोल पंप में चोरी के मामले तीन भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें दो सगे भाई जबकि तीसरा चचेरा है। तीनों ही कॉलेज स्टूडेंट्स हैं। तीनों ने उसी पेट्रोल पंप में हुए 2 लाख के कर्ज को चुकाने चोरी की वारदात की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस चोरी के मास्टर माइंड तक पहुंची।
इसमें दो सगे भाईयों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा आरोपी अब तक फरार है। जिसकी पतासाजी में टीम लगी हुई है। बृज पेट्रोल पंप में 1-2 अगस्त की दरमियानी रात 6 लाख रुपए से भरी तिजोरी की चोरी कर ली गई थी। वारदात को तीन नकाबपोश युवकों ने अंजाम दिया था। चोरी के बाद तीनों के एमपी की ओर भागने का भी सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने ग्राम मंडई निवासी दीपक शांडिल्य, देवेंद्र शांडिल्य और दोनों के चचेरे भाई अनुराग शांडिल्य को गिरफ्तार किया है। घटना का मास्टर माइंड दीपक शांडिल्य है, जो 15 लाख रुपए की लग्जरी कार में घूमता है। इसी कार में उसने बृज पेट्रोल पंप से उधार में पेट्रोल डलवाया था, वहीं संचालक से कुछ नकद भी उधार लिया था। कुल मिलाकर उधार की रकम 2 लाख रुपए हो गई। जिसे चुकाने के लिए पेट्रोल पंप का संचालन उसे बार-बार फोन करता था। उधार को चुकाने के लिए दीपक ने उसी पेट्रोल पंप में चोरी की वारदात कर दी।
मामा के अंतिम संस्कार के दौरान बनी योजना
आरोपी दीपक ने पुलिस को बताया कि वे अपने मामा के अंतिम संस्कार में शामिल होने दमोह गए थे। जहां उसने अपने भाई देवेंद्र और चाचा के लड़के अनुराग को पेट्रोल पंप में हुए कर्ज के बारे में बताया। दीपक ने कहा कि पंप संचालक लगातार उस पर रुपए लौटाने दबाव बना रहा है। समय पर रुपए की व्यवस्था नहीं हुई तो बात घर तक चली जाएगी। यहीं तीनों ने बृज पेट्रोल पंप में चोरी करने की प्लानिंग तैयार की। इसके बाद पूरी तैयारी से वारदात को अंजाम दिया।
तिजोरी नहीं खुली तो उठाकर ही ले गए
पुलिस ने बताया कि दीपक शांडिल्य का पेट्रोल पंप में रोज आना-जाना लगा रहता था। उसे कैश रुम से लेकर सभी जानकारी दी। वारदात के एक दिन पहले भी दीपक रेकी करने पंप पहुंचा। घटना वाली रात तीनों पेट्रोल पंप के पिछले हिस्से से परिसर में दाखिल हुए। राड से कैश रुम का डोर खोला, 15 मिनट तक तिजोरी खोलने का प्रयास किया, तिजोरी नहीं खुली तो तीनों उसे उठाकर ले गए। आधे रास्ते में तिजोरी तोड़कर 6 लाख रुपए निकाले फिर खाली तिजोरी खाई में फेंक दी।
परिवार भी सक्षम, इसी भरोसे दिया उधार
पुलिस ने बताया कि दीपक और देवेंद्र की मम्मी शासकीय स्कूल में प्रिंसिपल हैं। जबकि अनुराग के पापा भी प्रिंसिपल के रुप में पदस्थ है। उनका परिवार भी आर्थिक रुप से सक्षम है। जहां दीपक और देवेंद्र 15 लाख की लग्जरी कार में घूमा करते थे, वहीं दोनों के पास आईफोन से लेकर कई महंगे गैजेट्स भी थे। ये सभी उनके माता-पिता ने ही उपलब्ध कराया था। इसी भरोसे और पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पेट्रोल पंप संचालक ने दीपक को इतना बड़ा उधार दिया था।
चोरी करने के बाद तीनों ने बांटी रकम, दो से बरामद, तीसरे की पतासाजी जारी
आरोपियों के मुताबिक चोरी के बाद दीपक ने 2 लाख 12 हजार रुपए खुद रखा, वहीं अपने छोटे भाई देवेंद्र को 2 लाख 12 हजार रुपए दिए। चाचा के बेटे अनुराग को 1 लाख 57 हजार रुपए दे दिए। तीनों रकम बांटकर सामान्य ढंग से रहने लगे। फिलहाल मामले में दीपक और देवेंद्र के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने दोनों से 4 लाख 24 हजार रुपए बरामद कर लिया है। जबकि अनुराग की गिरफ्तारी के बाद शेष रकम बरामद होगी। अनुराग के एमपी के किसी गांव में छिपने की जानकारी मिली है, जिस तक पुलिस ने जल्द ही पहुंचने का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि साल्हेवारा मेें हुई इस घटना ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। इसे पुलिस ने सुलझा लिया है।
