70 किलोग्राम जिन व्यक्तियों का वजन है, उनके घुटने पर 490 किग्रा का दबाव पड़ रहा है। हेल्थ विभाग के भारतीय मानकों के अनुसार 350 किलोग्राम तक वजन घुटने सह लेते हैं, लेकिन इससे ज्यादा होने पर ज्वाइंट की सरफेस (गद्दी) खराब होने लगती है। इसकी शुरुआत के साथ ही संबंधित के घुटने में दर्द होने लगता है।
इसके बाद भी वजन कंट्रोल नहीं किया गया तो घुटने का दर्द कम करने का एक मात्र उपाय ज्वाइंट रिप्लेसमेंट बचता है। शरीर के वजन के अनुसार घुटने पर पढ़ने वाले दबाव की यह जानकारी हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को बायोमैकेनिकल सबजेक्ट की पढ़ाई के दौरान दी जाती है।
आज के समय घुटने को डैमेज होने से बचाने का एक मात्र उपाय इंडियन स्टैंडर्ड अनुसार अपना वजन रखना है, नहीं तो ज्वाइंट रिप्लेसमेंट कराना है। इंडियन स्टैंडर्ड के अनुसार पुरुषों का वजन 60 किग्रा और महिलाओं का 55 किग्रा होना चाहिए। इससे ज्यादा वजन होने से घुटनों पर अतिरिक्त वजन पड़ रहा। 80 प्रतिशत महिलाओं में इसकी वजह से पैरों, घुटने, एड़ियों में दर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसलिए समय रहते उपाय जरूरी है।
नोट- जैसा कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. डी सुनील और डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. राकेश ठक्कर ने बताया।
वे तीन कारण जिस वजह महिलाओं में यह समस्या ज्यादा सामने आ रही
व्यायाम एकदम नहीं
हर तीसरा पुरुष कुछ न कुछ व्यायाम जरूर करता है, लेकिन व्यायाम करने वाली महिलाओं की संख्या बहुत कम होती है। घर के काम-काज ही उन्हें इतना ज्यादा हो जाता है, जिससे उन्हें समय नहीं मिलता है। यह एक बड़ी वजह है।
पौष्टिक आहार कम
हर घर में खाने की टेबल पर पौष्टिक आहार पहले पुरुषों को दिया जाता है। महिलाएं बाद में जो बचता हैं, उसे ही खाती हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता। इसके अलावा माहवारी से कमजोरी आती है।
नेचुरल बदलाव होना
45 के बाद महिलाओं के शरीर में ढेर सारे नेचुरल बदलाव होते हैं। जबकि पुरुष के साथ ऐसा नहीं होता है। इस वजह भी घुटने का दर्द उनको ज्यादा होता है। पुरुषों को इसलिए कम परेशानी होती है। पुरुषों में भी मामले बढ़े हैं।
पुरुष की तुलना में महिलाओं में ज्यादा खतरा, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत
पुरुष की तुलना में घुटने डैमेज होने की समस्या महिलाओं में ज्यादा है। विशेषज्ञ अनुसार घुटना दर्द के हर 100 मरीज में 80 महिलाएं मिल रही हैं। क्योंकि इंडियन स्टैंडर्ड के अनुसार पुरुष का वजन 60 किग्रा और महिलाओं को 55 किग्रा होना चाहिए। 45 पार हर दूसरी महिला का वजन इससे ज्यादा हो जाता है। इसी उम्र से उनकी शारीरिक संरचना में दूसरे बदलाव का होना भी एक वजह है। उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
