छत्तीसगढ़ में टीकाकरण फिर बेपटरी है। टीकों की कमी की वजह से दो जिलों धमतरी और सुकमा में आज टीकाकरण नहीं हो रहा है। राजधानी में भी टीकाकरण शुरू होने के साथ ही खत्म हो गया। वहीं 10 जिले ऐसे हैं जहां इक्का-दुक्का केंद्रों पर टीकाकरण का काम मुश्किल से जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने टीकाकरण अभियान के लिए वैक्सीन की नई खेप भेजी है।
छत्तीसगढ़ में टीकाकरण अभियान पिछड़ता जा रहा है। इसके पीछे टीकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने को बताया जा रहा है। केंद्र सरकार ने अगस्त के लिए 19 लाख 90 हजार 890 डोज आवंटित हुआ है। इसमें कोवीशील्ड की 17 लाख 45 हजार 890 डोज और कोवैक्सिन की 2 लाख 45 हजार डोज शामिल हैं। कल तक छत्तीसगढ़ में इस आवंटन से केवल 70 हजार डोज मिल पाई थी। उसे जिलों में भेजा गया है। लेकिन यह पर्याप्त साबित नहीं हुई। आज प्रदेश भर में केवल 1 हजार 107 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ। इसमें सुकमा और धमतरी जिलों के कोई केंद्र शामिल नहीं था।
रायपुर में सिर्फ 37 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ
रायपुर जिले में केवल 37 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ। दोपहर तक कई केंद्रों पर टीका खत्म होने की सूचना है। लोगों को केंद्रों से निराश लौटना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है, छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 3.5 लाख से 4 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की क्षमता है। समय पर टीका उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
रायपुर पहुंची कोवैक्सीन
इस बीच रायपुर हवाई अड्डे पर को-वैक्सीन टीके के 20 बॉक्स पहुंचे हैं। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीआर भगत ने बताया आज को-वैक्सीन की एक लाख एक हजार डोज मिली है। शाम तक कोविशील्ड के तीन लाख डोज और मिल जाएंगे। डॉ. भगत ने बताया, इसे जिलों को भेजा जाएगा। एक-दो दिनों में जिलों में टीकाकरण की गति सामान्य हो जाएगी।
जुलाई में भी 20 लाख डोज ही मिले
जुलाई महीने में भी जैसे.तैसे करके करीब 20 लाख डोज टीके आए थे। इनमें से अधिकतर कोवीशील्ड हैं। टीकों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार पत्राचार कर रही है। पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक करोड़ डोज की मांग की थी। केंद्र सरकार के अफसरों का कहना है कि टीकों का उत्पादन कम है, ऐसे में सभी राज्यों को आनुपातिक आवंटन किया जा रहा है।
एक करोड़ लोगों को लग चुका पहला टीका
कोविन पोर्टल के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश भर में 37 हजार 697 लोगों को टीका लगाया गया। इसके साथ ही कोरोना टीके की कम से कम एक डोज लेने वालों की संख्या एक करोड़ तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 2 अगस्त तक एक करोड़ 23 लाख 59 हजार 803 टीके लगाए जा चुके थे। इनमें से 99 लाख 78 हजार 316 लोगों को इसका पहला टीका और 23 लाख 81 हजार 487 को दोनों टीके लगाए जा चुके। प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 315 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 17 हजार 154 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 52 लाख दो हजार 886 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 41 लाख 48 हजार 961 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 45 हजार 627 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 29 हजार 594 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 17 लाख 40 हजार 903 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के एक लाख 65 हजार 363 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।
