बसंतपुर स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को पेंड्री स्थित नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने का काम शुरू हो गया था पर पुरानी बिल्डिंग में जिला अस्पताल संचालन की मांग उठते ही यह काम भी ठप हो गया है। हॉस्पिटल प्रबंधन अब तक डीएचएस के आदेश का इंतजार कर रहा है। डीएचएस के डॉक्टर भी असमंजस में हैं कि आखिर आदेश आ क्यों नहीं रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने जिले के जनप्रतिनिधियों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही जिला अस्पताल संचालन पर निर्णय देंगे।
इधर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रबंधन को इन परेशानियों के बीच पीजी की मान्यता के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम के सदस्य आए दिन अस्पताल के निरीक्षण में पहुंच रहे हैं। हॉस्पिटल प्रबंधन ने लगभग सभी डिपार्टमेंट के पीजी के लिए मान्यता मांगी है। इसलिए एनएमसी के सदस्य विभागवार कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि मान्यता दी जा सके।प्रबंधन का कहना है कि जुलाई में हर हाल में शिफ्टिंग करने की प्लानिंग थी पर जिला अस्पताल संचालन को लेकर मांग उठने के चलते काम ठप है। डीन डॉ. रेणुका गहने ने बताया कि डीएचएस के आदेश का इंतजार कर रहे हैं ताकि स्पष्ट हो सके कि यहां जिला अस्पताल का संचालन होगा या नहीं।
व्यवस्था देखने एनएमसी की टीम आ रही
हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि मान्यता मिल जाने से एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद स्टूडेंट को पीजी करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। प्रबंधन की ओर से एनएमसी की टीम को पेंड्री स्थिति बिल्डिंग दिखाई जा रही है। वहां चल रहे कोविड हॉस्पिटल के साथ ही लैब सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है पर इधर शिफ्टिंग में देरी के चलते नई बिल्डिंग में व्यवस्था नहीं बन पा रही है।
