ब्लाॅक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लालबहादुर नगर को तहसील बनाने की घोषणा हो गई है। गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की 15 नई तहसीलों के लिए घोषणा करते हुए स्थापना के लिए संभावित व्यय पेश किया। लंबे समय से एलबी नगर को तहसील बनाने की मांग उठ रही थी।
डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू की सक्रियता ने सबसे बड़े ग्राम को अलग तहसील का दर्जा दिला दिया। लोक मड़ई के दौरान एलबी नगर पहुंचे मुख्यमंत्री के समक्ष विधायक ने तहसील की मांग को प्रमुखता से रखी थी। नई तहसील में 39 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इससें खासकर वनांचल की पंचायतों को दूरी से राहत मिलेगी। खासकर महाराष्ट्र बार्डर से लगे गांवों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय करके डोंगरगढ़ ब्लाॅक मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। एलबी नगर के तहसील बनने से यह दूरी सीमित हो जाएगी। गुरुवार को विधानसभा में तहसील बनाने का प्रस्ताव पास होने के बाद एलबी नगर क्षेत्र के लोगों में उत्साह है।
डोंगरगढ़ व छुरिया ब्लाॅक की पंचायतें होंगी शामिल
नई तहसील बनने के बाद डोंगरगढ़ व छुरिया ब्लाॅक की पंचायतों का परिसीमन किया जाएगा। एलबी नगर में सबसे ज्यादा डोंगरगढ़ ब्लाॅक की पंचायतें शामिल होंगी। कुछ पंचायतें छुरिया ब्लाॅक से एलबी नगर तहसील में आएंगी। अलग तहसील बनने से राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करने में राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने नई तहसील के लिए अधिकारी-कर्मचारियों का सेटअप भी तय कर लिया है।
15 पदों का सेटअप भी तैयार, परिसीमन जल्द
नई तहसील में 15 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक ग्रेड वर्ग 2 व 3, स्टोनों टायपिस्ट, कानूनगो, भृत्य व वाहन चालक के पद शामिल है। बताया जा रहा है कि विधानसभा में प्रस्ताव के बाद अलग तहसील के लिए बहुत जल्द परिसीमन किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू हो जाएगी। डोंगरगढ़ ब्लाॅक में वर्तमान में 102 ग्राम पंचायतें है। नई तहसील बनने से संख्या कम होगी।
