विकासखंड डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर में फूलों के बाजार की संभावनाएं हैं। ग्राम कलकसा के गौठान में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने फूलों की खेती करने महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा। मंदिर में फूलों की आपूर्ति के लिए कलकसा की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने गुरुवार को स्व-सहायता समूह की महिलाओं को फ्लोरीकल्चर से जोड़ते हुए संयुक्त कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि गौठानों में 4-5 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती की जाएगी। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर के कारण फूलों की आवश्यकता को देखते हुए फ्लोरीकल्चर में असीम संभावनाएं हैं। उद्यानिकी विभाग को गेंदा फूल के सीड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और वहां स्वसहायता समूह की महिलाओं को हाई टेक्नोलॉजी से फूल की खेती के लिए प्रशिक्षण दें। फूलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने के निर्देश दिए।
पायलेट प्रोजेक्ट: सिंचाई के लिए ड्रिप लगाए जाएंगे
जिन स्थानों पर फूलों की खेती की जाएगी, वहां सिंचाई के लिए ड्रिप लगाने एस्टीमेट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गौठान के इस कार्य को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में करना है। गौठान में महिला समूह द्वारा फूलों की खेती करने एवं आर्थिक गतिविधियों के उचित संचालन के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा लकड़ी प्राप्त कर अगरबत्ती और फूलों से खाद बनाने का कार्य समूह द्वारा किया जाएगा। इसके लिए पट्टाधारी समूह की महिलाओं को इस कार्य में जोड़े। उनके द्वारा अगरबत्ती, बांस की डलिया का निर्माण किया जाएगा।
कलेक्टर सिन्हा ने भोथली गौठान का किया निरीक्षण
सिन्हा ने ग्राम भोथली के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गौठान में सभी गतिविधियों व्यवस्थित एवं सुनियोजित तरीके से चलाने की जरूरत है। अधिकारियों-कर्मचारियों तथा महिला स्व-सहायता समूह गौठानों में रूचि से कार्य करें। गौठान को सशक्त बनाने के लिए अधिक कार्य करने की जरूरत है। समूह के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां प्रारंभ करें। तालाबों में मछली पालन प्रारंभ करें। गोबर की खरीदी जिस अनुपात में की गई है, वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण भी उसी के अनुरूप होना चाहिए।
तकनीकी दिक्कत, वर्मी कंपोस्ट का भुगतान अटका
कलेक्टर सिन्हा ने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय की जानकारी ली। उन्होंने महिला स्वसहायता समूह से वर्मी कम्पोस्ट विक्रय के भुगतान के बारे में जानकारी ली। अधिकारी ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण राशि खाते में हस्तांतरण नहीं हो पाया है। कलेक्टर ने जांच करके राशि भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूह को सरलता से राशि का भुगतान प्राप्त हो इसके लिए सभी स्व-सहायता समूह के खाते सहकारी केन्द्रीय बैंक में खुलवाने कहा। उन्होंने गौठान के तालाब में स्व-सहायता समूह के माध्यम से मछलीपालन करने के निर्देश दिए।
