कोविड-19 कोरोना वायरस का संक्रमण अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। जिले में रोज एक से दो केस सामने आ रहे हैं। वहीं मौसम में आए बदलाव के चलते वायरल फीवर के केस भी बढ़ गए हैं। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की ओपीडी में सामान्य दिनों में 400 से 500 मरीज आते हैं पर सप्ताहभर से ओपीडी संख्या 700 से 800 तक पहुंच गई है। इनमें सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित ज्यादा सामने आ रहे हैं।
चिंताजनक स्थिति यह है कि डॉक्टर की सलाह के बाद भी ज्यादातर लोग कोरोना की जांच नहीं करा रहे हैं। इधर सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी का कहना है कि वायरल फीवर को मजाक में न लगें। तत्काल सैंपल देकर जांच कराएं ताकि पता चल सके कि कहीं कोरोना तो नहीं है। जिले में कोरोना की पॉजिटिव दर शून्य तक पहुंच गई है। ऐसे में लोगों की लापरवाही जारी रही तो फिर से संक्रमण का दायरा बढ़ सकता है। इस मौसम में ज्यादातर कामकाजी लोग ही वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं, क्योंकि ये धूप और बारिश में भी घर से बाहर निकलते हैं।
कामकाजी लोग इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि ओपीडी में अचानक से वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे मरीजों को एंटीजन सैंपल देकर जांच कराने की सलाह भी दी जा रही है पर ज्यादातर मरीज दवाइयां लिखने की बात कहकर जांच नहीं करा रहे हैं। इससे काेरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
सिर में दर्द व हाथ-पैर में जकड़न की भी शिकायत
सिर में दर्द, हाथ, पैर में जकड़न के साथ ही सुस्ती लगना, सर्दी ज्यादा होने से नाक का बहना, बुखार की शिकायत वाले मरीज आ रहे हैं। ये कोरोना से मिलते हुए लक्षण हैं पर कुछ लोगों के सैंपल लेने पर कोरोना संक्रमण नहीं आ रहा है पर डॉक्टरों का कहना है कि जांच कराने से शंका दूर होगी। लोग बिना जांच के भ्रम बनाए रख रहे हैं कि वे कोरोना संक्रमण से पीड़ित हैं।
बाजार में बढ़ाई गई सैंपलिंग, विभाग अलर्ट
वायरल फीवर के बीच संक्रमण का खतरा होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग की संख्या बढ़ा दी गई है। टीम बाजार में पहुंचकर फल, सब्जी सहित फुटकर दुकानदारी करने वालों का सीधे एंटीजन सैंपल ले रही है। वहीं जिन जगहों पर एक दिन में दो केस आ रहे हैं, वहां के आसपास के लोगों की सैंपलिंग ली जा रही है।
आप ऐसे करें बचाव
सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि वायरल फीवर के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी और बुखार है तो सैंपल जरूर दें। वायरल की चपेट में आएं हैं तो विशेषज्ञ डॉक्टर के पास इलाज कराएं। दवाइयां लेने के बाद घर पर ही रहें, बाहर न निकलें। मास्क लगाएं रखें ताकि परिवार के दूसरे सदस्य संक्रमित न हों। गर्मी भोजन खाएं, पानी उबालकर पीएं। बासी भोजन नहीं करें।
मेडिकल वाले मरीजों का नाम तक नहीं लिख रहे कई मेडिकल दुकान संचालक डॉक्टर की पर्ची के बगैर सर्दी, खांसी, बुखार की सामान्य दवाइयां दे रहे हैं। प्रशासन ने दो माह पहले आदेश जारी किया था कि मेडिकल स्टोर्स संचालक डॉक्टर की पर्ची के बगैर सर्दी, खांसी और बुखार की दवाइयां नहीं देंगे पर इस प्रोटोकाल का पालन नहीं हो रहा। मेडिकल संचालक दवाइयां खरीदने वालों के नाम तक नहीं लिख रहे हैं।
