कोरोना की वजह से मूर्तिकार और चित्रकारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को कलेक्टोरेट के सामने संघ के द्वारा धरना दिया गया। अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर उन्होंने एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा है। कलाकारों ने बताया कि कोरोना काल में वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले साल की मूर्ति व पंडाल की गाइडलाइन विलंब से बताई गई थी, इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। इस बार जल्द से जल्द गाइडलाइन जारी करें तो क्षतिपूर्ति से वे बच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस संघ में सभी धर्मों के लोग जुड़े हैं। इसलिए संघ चाहती है कि जिस तरह कुंभकारों के लिए माटीकला बोर्ड का निर्माण किया गया है, उसी प्रकार मूर्तिकार व चित्रकारों के लिए वेलफेयर बोर्ड का निर्माण भी अब आवश्यक है। अपनी मांगों के संबंध में बताया कि शासकीय कार्यों को निविदा आमंत्रित सिर्फ कलाकारों को की जाए न कि ठेकेदारों को। कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा मिले। राज्य के प्रत्येक जिले व ब्लाक स्तर पर स्थानीय कलाकार संघ के लिए निशुल्क जमीन आवंटित करें। सरकार, स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी के साथ आर्थिक ऋण प्रदान करें। गणेश चतुर्थी और दुर्गोत्सव पर्व के लिए गाइडलाइन जल्द से जल्द जारी की जाए।
विलंब होने पर आर्थिक नुकसान की भरपाई सरकार करे। इस दौरान संघ के जिला अध्यक्ष देवा रंगारी, उपाध्यक्ष गौतम, यादू साहू, रेखालाल वर्मा, लोकेश साहू, बबीता हिरवानी, रामू प्रजापति, गौतम रंगारी, गोविंद सिंह राजपूत, दीपक यादव, लक्ष्मण वर्मा, टुम्मन पटेल, देवकुमार, मनोहर प्रजापति, मनीष देवांगन, मनोज निर्मल, शारदा प्रजापति, हुमनदास मानिकपुरी, बाला सेन, योगेंद्र धृतलहरे आदि मौजूद रहे।
