लगभग दो शिक्षा सत्र बीतने के बाद स्कूलों के पट फिर से खुलेंगे। दसवीं व बारहवीं की कक्षाएं 2 अगस्त से संचालित होंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। वहीं प्राइमरी व मिडिल स्कूल के संचालक के लिए पंचायत व पालकों की सहमति को अनिवार्य किया गया है।
दसवीं-बारहवीं की कक्षा संचालन के लिए आदेश मिलते ही तैयारी शुरू कर दी गई है। स्कूलों को सैनेटाइज किया जा रहा है। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग और प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है। स्कूल खुलने के आदेश के साथ ही शासन ने कुछ शर्तें भी अनिवार्य की है। जिसका पालन स्कूलों में अनिवार्य होगा। इसमें प्रमुख 50 फीसदी बच्चों के साथ की कक्षाओं का संचालन हैं। हर बच्चे को एक दिन के गेप में स्कूल बुलाया जाना है। याने प्रतिदिन कक्षा के आधे बच्चों की ही पढ़ाई होगी । इसके अलावा सर्दी खांसी वाले बच्चों को क्लासरूम में आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं शिक्षकों को भी वैक्सीन लगवाने के बाद ही शिक्षण कार्य में शामिल किया जाएगा । स्कूल खोलने का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जारी कर दिया गया, जिसके बाद जिलेभर के हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्राइमरी- मिडिल के लिए सहमति अनिवार्य: इधर प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के लिए पालकों की अनुमति आवश्यक होगी। सरकार ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि ग्राम स्तर पर प्राइमरी और मिडिल स्कूल खोलने के लिए पंचायतों की सहमति लेनी होगी। इसके लिए पंचायत गांव के पालकों से चर्चा कर सहमति पत्र बनाएंगे। इसके अलावा शहर के निजी स्कूलों में प्राइमरी व मिडिल के कक्षाओं के संचालन के लिए पालक संघ से विधिवत सहमति लेनी होगी। इस दौरान बच्चों को स्कूल भेजना अनिवार्य नहीं होगा।
इन बिंदुओं के तहत स्कूलों का होगा संचालन
- 10 वी व 12वी के कक्षाओं का संचालन 50 फीसदी स्टूडेंट्स के साथ 2 अगस्त से शुरु होगा।
- प्राइमरी व मिडिल के लिए पालक संघ व पंचायतों की सहमति पर ही 2 अगस्त से स्कूल खुलेंगे।
- कक्षाओं का संचालन वहीं होगा जहां पॉजिटिव दर 7 दिनों तक एक फीसदी से कम हो।
- स्टूडेंट्स को एक दिन के अंतराल में कक्षा में बुलाया जाएगा।
- सर्दी, खांसी और बुखार की स्थिति में कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
- ऑनलाइन कक्षाएं यथावत संचालित होती रहेंगी।
- किसी भी स्टूडेंट की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी।
- प्रोटोकॉल व निर्देश का पालन होगा, सफाई भी होती रहेगी।
इधर हाईस्कूल के बच्चे उत्साहित, पालकों में डर
स्कूल खुलने के आदेश जारी होने के बाद हाई व हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति भी नियंत्रण में हैं। ऐसे में दो साल से स्कूल से दूर विद्यार्थी जल्द ही स्कूल पहुंचना चाहते हैं। वहीं छोटे बच्चों को लेकर अब भी पालकों में डर की स्थिति है। इसके चलते छोटे बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अब भी पालक संशय में है। यही वजह है कि पंचायतों में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
कॉलेजों में भी तैयारी तेज सोशल डिस्टेंसिंग की चुनौती
इधर अगस्त से ही कॉलेजों को खोलने की भी तैयारी शुरु कर दी गई है। इसके लिए भी आदेश जारी हो चुका है। लेकिन कॉलेजों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना बड़ी चुनौती होगी। वहीं एक दिन के अंतराल में एक कक्षाओं का संचालन भी परेशानी वाली होती होगी। अकेले दिग्विजय कॉलेज में ही 4 हजार से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं। वहीं दूसरे कॉलेजों में भी सीटों की संख्या बंपर है।
