इस वर्ष बिहान से जुड़ीं स्वसहायता समूह की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप परंपरागत सुन्दर राखियों का निर्माण किया है। इन्हीं राखियों से भाइयों की कलाइयां सजेंगी। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने गढ़ कलेवा परिसर में बिहान के राखी स्टॉल विक्रय केन्द्र का शुभारंभ किया। उन्होंने ऐसी उम्दा राखियों के निर्माण के लिए समूह की महिलाओं की प्रशंसा की। बताया गया कि 20 समूहों की महिलाओं के द्वारा इसका निर्माण कर इसे बाजार में उतारा है।
जिला प्रशासन द्वारा समूह की महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। परंपरागत धान, बांस, चावल, अरहर, रखिया बीज, मोती एवं खूबसूरत रंग-बिरंगे धागों तथा डिजाइन से सजी राखियां वेरायटी में उपलब्ध हैं। राखी स्टॉल में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जय मां शीतला स्वसहायता समूह तथा जय मां अम्बे समूह की महिलाएं राखी का विक्रय कर रही है। इन महिलाओं को राखी निर्माण के लिए स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत चार दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर, संयुक्त कलेक्टर इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर वीरेंद्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर डॉ.दिप्ती वर्मा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उमेश मिश्रा ने इसकी शुरुआत की।

कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का लगाया स्टॉल।
राखी सिर्फ एक धागा नहीं, अभिव्यक्ति भी है
राखी केवल एक धागा नहीं है, एक अभिव्यक्ति भी है। इस बार जिले की बहनों ने धान, बांस, चावल, अरहर, रखिया बीज, मोती एवं खूबसूरत रंग-बिरंगे धागों से तरह तरह की राखियां बनाकर भाइयों को अपने सशक्त होने का संदेश दिया है। करीब 20 स्व सहायता समूहों की बहनों ने ऐसी खास राखियां तैयार कर त्योहार के लिए बाजार में उतारी हैं, जो बहुत आकर्षक व सुंदर है।
