किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने इस वर्ष ब्लाॅक में डेढ लाख से अधिक मुनगा पौधे लगाए हैं। मुनगा के साथ ही मिश्रित प्रजाति के 60 हजार पौधे भी लगाए गए हैं। जिसमें आय देने वाले आंवला, काजू, पपीता, अनार, आम आदि फलदार पौधों को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन इसके साथ ही छायादार पौधे भी ब्लॉक के गांव-गांव रोपित किए गए हैं।
योजना के अनुसार ब्लाॅक में आय देने वाले कुल 2 लाख 10 हजार पौधों का रोपण हो चुका है। मनरेगा के माध्यम से इस बार गांव-गांव किसानों व मजूदरों को मुनगा का पौधा वितरण किया गया है। यह पौधे ग्रामीण अपने खेत, बािड़यों व कोठारो में लगा रहे हैं। जिससे भविष्य में इन्हें इन पौधों के माध्यम से ग्रामीणों को एक निश्चित आय प्राप्त हो और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृंढ हो सके। सांगली नर्सरी के प्रभारी डिप्टी रेंजर गोपाल यादव ने बताया कि मुनगा के पौधे लगभग डेढ वर्ष में तैयार हो जाएंगे और फल देना भी शुरू कर देंगे। इससे ग्रामीणों की आय शुरू हो जाएगी। मुनगा के अलावा फल देने वाले आंवला, आम, काजू, अनार, पपीता के पौधे भी किसानों को वितरित किए गए है।
ग्राम पंचायतों को दो से ढाई हजार पौधे बांट रहे
किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को दो से ढाई हजार पौधे वितरित किए जा रहे हैं। इसमें 75 प्रतिशत पौधे मुनगा का एवं 25 प्रतिशत पौधे मिश्रीत व फल देने वाले प्रजाति के शामिल हैं।
ब्लॉक के गांव-गांव में पौधरोपण दो महीने से है जारी
नर्सरी प्रभारी गोपाल यादव ने बताया कि जिन स्थानों से पौधरोपण के लिए अधिक मांग हो रही है उन्हें लक्ष्य से अधिक पौधे भी दिए जा रहे हंै पर कम से कम हर ग्राम पंचायतों को दो-दो हजार पौधे हर पंचायत को दिए गए हैं। मनरेगा के माध्यम से ब्लाॅक के गांव-गांव पौध रोपण का कार्य पिछले दो महीने से निरंतर जारी है। यदि यह मुहिम सफल हुई तो आने वाले वर्ष में यह पौधे किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध जरूर बनाएगी। भड़सेना व सेम्हरबांधा के सरपंच मोहन ध्रुवे व राजू परतेती ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से आए पौधों को ग्रामीणों को वितरित किया गया है।
किसानों को प्रोत्साहित करनेे में जुटे जनप्रतिनिधि
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष नवीन योजना मुख्यमंत्री पौधरोपण प्राेत्साहन योजना लाई है। इस योजना को भी सफल बनाने प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। ग्रामीण भी इस योजना से जुड़े फायदों को ध्यान में रखकर अपने खाली पड़े भर्री, भाटा व खेतों में पौध रोपण कर रहे हैं। पौधरोपण करने पर किसानों को प्रति एकड़ प्रति वर्ष दस-दस हजार रुपए का प्रोत्साहन राशि मिलेगी। विधायक छन्नी चंदू साहू व संसदीय सचिव मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ब्लॉक में जहां-जहां पहुंच रहे हैं, वहां पर इस योजना का प्रचार-प्रसार कर किसानों को लाभ उठाने का आह्वान कर रहे हैं।
सुरक्षा के साथ रोपे गए पचास हजार से अधिक पौधे
कोरोना की आपदाओं से गुजर रहे जनमानस को अब आॅक्सीजन के महत्व की जानकारी लग गई है। अब लोग जल व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूक होने लगे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रकृति से निःशुल्क मिलने वाली, पानी, हवा व वनस्पतियों के महत्व को हमने अब नहीं समझा तो आगे देर हो जाएगी। मनरेगा के अलावा यहां पर जागरूकता अभियान के तहत गांव-गांव स्कूल, पंचायत, आगंनबाडी केन्द्रों व सार्वजनिक स्थल विशेषकर गांव के गौठान, तालाब, नदी, नालों एवं मार्गो के किनारे सुरक्षा के साथ पचास हजार से अधिक पौधे लगाए।
60 हजार मिश्रित प्रजाति के फलदार पौधे वितरित
वन परिक्षेत्र अधिकारी अय्यूब खान ने बताया कि किसानों को समृद्ध बनाने इस वर्ष ग्राम पंचायतों को डेढ़ लाख मुनगा एवं 60 हजार मिश्रित प्रजाति के फलदार पौधे वितरित किए गए हैं। ग्रामीणों को पौधा वितरित किया जा रहा है।
ग्रामीण पौधरोपण के लिए विशेष रुचि ले रहे: सीईओ
जनपद सीईओ बीएल देहारी ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से ब्लाॅक के 69 ग्राम पंचायतों में किसानों को मुनगा एवं अन्य प्रजाति के पौधे बांटे गए हैं। ग्रामीण भी इस वर्ष पौधरोपण के लिए विशेष रुचि ले रहे हैं।
