राजनांदगांव । मूक-बधिर स्कूलों की संस्था अभिलाषा में शतरंज अभ्यास प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छात्र युवा मंच द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने अपना जौहर दिखाया। इसमें राजनांदगांव, दुर्ग रायपुर ,बिलासपुर , डोगढ़गढ़ के प्रतिभागी भी शामिल थे।
एक तरफ कोरोना संक्रमण महामारी के चलते लोगों का अधिकतर समय घर में ही बीता है। यही वजह है कि लोग डिप्रेशन का शिकार हुए हैं। वहीं महामारी के दौरान खिलाड़ियों को भी काफी डिप्रेशन का सामना करना पड़ा है। जिससे खिलाड़ियों ने लाकडाउन के दौरान आनलाइन शतरंज खेलने लगे थे लेकिन संक्रमण कम होने और लाकडाउन समाप्त होने के बाद पहली बार शतरंज खिलाड़ी राजनादगांव में आयोजित छात्र युवा मंच के तत्वावधान में अभिलाषा मूकबधिर स्कूल में शतरंज अभ्यास प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे। इस आयोजन में कुल 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और खेल का जौहर दिखाया। खिलाड़ियों का कहना है कि महामारी के चलते पिछले दो वर्षों से शतरंज नहीं खेल पाए थे, लेकिन अब अच्छा लग रहा है कि खेलों का आयोजन शुरू हुआ और हिस्सा ले पा रहे हैं। वहीं लाकडाउन के दौरान आनलाइन शतरंज खेल रहे थे, लेकिन इतना मजा नहीं आ रहा था जितना आज आफलाइन खेल कर अच्छा लग रहा है।
तीन माह के बाद मिला मौकाः कोरोना की दूसरी लहर मार्च के अंत से शुरू हो गई थी। अप्रैल से लाकडाउन शुरू हो गया था। अनलाक होते-होते पूरा जून महीना निकल गया। इस दौरान खेल गतिविधियों थमी रही। खिलाड़ी घरों में ही दुबके रहे। इससे उनकी मानसिक गतिविधियां भी थमी रही। इससे वे परेशान था। छात्र युवा मंच के माध्यम से उन खिलाड़ियों को जौहर दिखाने का मौका मिला। यही कारण है कि आयोजन को लेकर उन्होंने दोगुनी उत्साह दिखाया।
छात्र युवा मंच के तत्वाधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मंच के संचालक नागेश यदु का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और आनलाइन चेस खेल रहे थे, लेकिन संस्था द्वारा पहल करते हुए महामारी के चलते अभिलाषा स्कूल में चैस अभ्यास प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया है । जहां पर 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है और अपने खेल का जौहर दिखाया है।
