जिला सहकारी कर्मचारी संघ की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को ज्ञापन सौंपा गया। संघ की ओर से मांग पूरी नहीं होने पर बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई। कहा कि 24 जुलाई के बाद से समिति प्रबंधक, कर्मचारी, लेखापाल, सहायक प्रबंधक लिपिक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, विक्रेता, चौकीदार सहित अन्य कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ के अध्यक्ष रूपनारायण हिरवानी ने बताया कि सेवा सहकारी समिति के कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा है।
इसके लिए कई बार ज्ञापन देकर धरना, प्रदर्शन कर चुके हैं जबकि समिति के अधिकारी, कर्मचारी ही सरकार का सबसे बड़ा काम करते हैं। धान खरीदी समितियों के माध्यम से होता है। इसके लिए पूरे सालभर तक परेशानी झेलते हैं। किसानों को खाद उपलब्ध कराने से लेकर फसल बीमा सहित अन्य कार्य करते आ रहे हैं। इसके बाद भी वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। प्रबंधकों का संविलियन कर बैंक के रिक्त पदों पर पदोन्नत नहीं किया जा रहा है।
संघ का कहना है कि धान खरीदी की नीति में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि समितियों को नुकसान से बचाया जा सके। अध्यक्ष हिरवानी ने बताया कि इन मांगों को लेकर पूर्व में भी ज्ञापन सौंप चुके हैं पर सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसलिए प्रांतीय आह्वान पर 19 जुलाई को भोजनावकाश में ज्ञापन सौंपा गया। 21 जुलाई को कर्मचारी समिति में कार्य करते हुए उपवास रखेंगे। बताया कि 24 से बेमियादी हड़ताल शुरू करेंगे और 26 जुलाई को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
