राजनांदगांव । ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। दो पहिया व चार पहिया वाहनों के लाइसेंस अब ड्राइविंग स्कूलों में बनेंगे। सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने नया नियम एक जुलाई से लागू कर दिया है।
ड्राइविंग स्कूल से वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेने के बाद वहीं टेस्ट देने से लाइसेंस बन जाएगा। अब तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग स्कूल या अन्य तरीके से वाहन चलाना सीख चुके लोगों को परिवहन विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। कार्यालय परिसर या अन्य स्थान पर बने ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट देना पड़ता था। नये नियम के तहत अब लोगों को पंजीकृत ड्राइविंग स्कूल से प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण लेने के बाद ही संबंधित ड्राइविंग स्कूल में लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। संबंधित आवेदन को आरटीओ के अफसरों के पास भेजा जाएगा। इसके बाद आरटीओ से लाइसेंस संबंधित ड्राइविंग स्कूल को जारी किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मान्यता वाले ड्राइविंग स्कूल में लोगों को उच्च गुणवत्ता का ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ड्राइविंग स्कूल में प्रशिक्षण लेने आने वाले लोगों को यातायात के सभी नियमों व संकेतों की भी पढ़ाई कराई जाएगी। ड्राइविंग स्कूल में ही उनका टेस्ट होगा, जो परिवहन विभाग को भेजा जाएगा। उनका फिर से ड्राइविंग टेस्ट नहीं होगा। परिवहन विभाग को ऐसे उम्मीदवारों का पांच साल के लिए मान्य ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना होगा। नए नियम लागू होने के साथ ड्राइविंग स्कूलों की संख्या बढ़ेगी। क्योंकि अब तक बिना ड्राइविंग स्कूल में प्रशिक्षण के भी लोगों के लाइसेंस दलालों के जरिए आसानी से बन जा रहे थे। अब स्कूलों में प्रशिक्षण की सभी सुविधाओं के साथ उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण देना होगा।
नए नियम के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग स्कूल में भारी वाहन के लिए छह सप्ताह में 38 घंटे और हल्के वाहन के लिए 4 सप्ताह में 29 घंटे का प्रशिक्षण लेना होगा। इस दौरान सड़क पर बेहतर व्यवहार और अनुशासन सिखाया जाएगा। इसमें सड़कों पर चलते समय दूसरे वाहन के चालकों के साथ बेहतर व्यवहार और अनुशासन के बारे में जरूरी बातें भी पढ़ाई जाएगी। बता दें केंद्र सरकार के सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने जो नया नियम नोटिफाइड किया है, उसके अनुसार अब किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल से वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेने के बाद वहीं टेस्ट देने से लाइसेंस बन जाएगा।
शासन स्तर पर नए साफ्टवेयर में कामकाज शुरू कराने के बाद से परिवहन विभाग में रूटीन का काम पटरी से उतरा हुआ है। वहां पखवाड़ेभर से कामकाज सर्वर के साथ ही ठप है। तकनीकी समस्या के चलते अधिकारी-कर्मचारी न तो लाइसेंस बना पा रहे हैं, न ही परमिट, फिटनेस व अन्य काम समय पर पूरा कर पा रहे हैं। इस कारण लोग बैरंग ही लौट रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दूरस्थ क्षेत्रों से आने वालों को हो रही है। सर्वर ठप होने के कारण काम नहीं होने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
