कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ चल रही जंग में राजनांदगांव जिला जीत की ओर बढ़ता जा रहा है। कोविड को हराते हुए जिले में 6 माह के भीतर 54 प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है। 7 लाख लोगों ने वैक्सीन की डोज ले ली है। इनमें वैक्सीनेशन कराने में महिलाएं सबसे आगे हैं।
3 लाख 60 हजार 859 महिलाओं ने टीका लगाकर जागरूकता का परिचय दिया है। वहीं 3 लाख 37 हजार 388 पुरुषों का वैक्सीनेशन हो चुका है। वहीं अब निर्धारित टारगेट 11 लाख 87 हजार 485 लोगों में केवल 4 लाख 87 हजार 485 लोगों का ही वैक्सीनेशन शेष है।
जिले में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। शुरुआती दौर में वैक्सीनेशन की रफ्तार बेहद धीमी थी। लोगों में भ्रांतियां होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम को टारगेट पूरा करने में परेशानी हो रही थी। यहां तक शिक्षित लोग भी वैक्सीनेशन से पीछे हट रहे थे।
पहले चरण में फ्रंटलाइन वॉरियर्स का वैक्सीनेशन किया गया। इसके बाद 60 प्लस वालों का टीकाकरण शुरू किया गया। इसके बाद हर वर्ग के लिए वैक्सीन की डोज भेजी गई। जिले में 200 से ज्यादा सेंटर बनाए गए हैं। यहां अब रोज वैक्सीनेशन कराया जा रहा है।
पहले टीम का विरोध हुआ, अब तो स्वयं आ रहे लोग
शुरुआती दौर में मानपुर, मोहला, औंधी, बकरकट्टा क्षेत्र के ग्रामीण वैक्सीनेशन को लेकर रुचि ही नहीं दिखा रहे थे। लगातार खबरें आ रही थी कि मेडिकल टीम को गांव से भगा दिया जा रहा था। यहां तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं जागरूक करने के लिए घरों में दस्तक दे रहीं थी।
तब इन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा था पर जब से कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ा है तब से लोगांे में वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता आई है। गांवों में भी जागरूकता बढ़ने से बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं।
घर-घर पहुंच रही टीम
वैक्सीनेशन को लेकर महिलाएं सबसे आगे चल रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की ओर से घर-घर में दस्तक देकर समझाइश दी जा रही है कि वैक्सीन लगाने से कोई खतरा नहीं है। ग्रामीण महिलाएं भी वैक्सीनेशन में पीछे नहीं हैं।
सामाजिक स्तर पर भी वैक्सीन के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा का कहना है कि वैक्सीनेशन के मामले में राजनांदगांव जिला लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में वैक्सीनेशन की रफ्तार और बढ़ाई जाएगी।
