राजनीतिक नजरिए से छत्तीसगढ़ के VVIP जिलों में शामिल दुर्ग अपराध का नया गढ़ बनता जा रहा है। गैंगवार का मामला सुलझा नहीं था कि अब गांवों तक में अवैध शराब का कारोबार भी शुरू हो गया। अम्लेश्वर थाना पुलिस ने शुक्रवार तड़के 6 गांवों में छापा मारकर 9 लोगों को अवैध शराब बेचते गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि इनमें हाईवे किनारे के होटल भी शामिल है। दो दिन में पुलिस 250 लीटर से ज्यादा शराब बरामद कर चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कई गांवों और होटलों में अवैध शराब का धंधा चल रहा है। इस पर अलग-अलग टीम बनाकर पुलिस ने शुक्रवार सुबह करीब 5.30 बजे एक साथ जमराव, सांकरा, कापसी और जामगांव सहित अन्य गांवों में छापा मारा। इन इलाकों में अवैध रूप से शराब बेच रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में एक ठाकुर होटल का संचालक भी शामिल है। वह ग्राहकों को होटल में शराब परोसता था।
पारदी डेरा में हमले का खतरा था, महिला फोर्स के साथ कार्रवाई
अमलेश्वर थाना प्रभारी वीरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि छापे के दौरान पारदी डेरा में भी कार्रवाई की गई। यहीं पर सबसे ज्यादा शराब बिकने की सूचना थी। पहले भी यहां छापे मारे गए हैं। इस दौरान स्थानीय महिलाएं हमला कर देती थीं। इसे देखते हुए महिला फोर्स को भी साथ लिया गया। यहां पर ज्यादातर काम पर जाने से पहले 50 रुपए ज्यादा देकर मजदूर वर्ग शराब खरीदता था। इसके चलते सुबह 7 बजे तक ही अवैध शराब का धंधा चलता।
यहां शराब चाहिए तो ‘माल’ मांगना पड़ेगा
इससे एक दिन पहले भी गुरुवार को रानीतरई और पाटन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घोरारी, असोगा और बिंदा गांव में छापा मारा था। इन गांवों में कच्ची शराब बनाने का काम किया जा रहा था। गांवों में अलग-अलग जगहों पर हांडी चढ़ाई गई थी। पुलिस ने 200 लीटर महुआ शराब नष्ट करने के साथ ही 20 लीटर कच्ची शराब जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि यहां शराब के लिए माल शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।
