प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी ने पद्म पुरस्कारों के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं। छत्तीसगढ़ से कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का नाम आगे किया है। इस पर चौबे ने सोमवार को कहा कि पद्म पुरस्कार तो रमन सिंह को मिलना चाहिए। यहां शराब की नदियां बहाने में उनका ही योगदान है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच कई मुद्दों पर टकराव जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की आलोचना का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। कृषि मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री के उस संदेश के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आम लोगों से अपने आसपास के लोगों में से पद्म पुरस्कारों के योग्य लोगों का नाम मांगा है। कल प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत में कई प्रतिभाशाली लोग हैं, जो जमीनी स्तर पर असाधारण काम कर रहे हैं। अक्सर, हम उनमें से बहुत कुछ नहीं देखते या सुनते हैं। क्या आप ऐसे प्रेरक लोगों को जानते हैं? आप उन्हें #PeoplesPadma के लिए नामांकित कर सकते हैं। नामांकन 15 सितंबर तक खुले हैं।’
चौबे के तंज पर बृजमोहन का जवाब- कांग्रेस से अच्छी थी भाजपा की नीति
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के बयान पर पूर्व कृषि मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, भाजपा की नीति, कांग्रेस सरकार से अच्छी थी। उस समय घर घर शराब नहीं बिकती थी। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, अच्छा काम करने वालो को पुरस्कार मिलना ही चाहिए। प्रदेश सरकार को तो जनता सबक सिखाएगी। ये लोग किसी पुरस्कार के लायक नहीं हैं।
शराबबंदी के मुद्दे पर घेर रहा विपक्ष
छत्तीसगढ़ में 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था। सत्ता में आने के ढाई साल बाद भी वह वादा अधूरा है। विपक्ष खासकर भाजपा इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है। सरकार पर शराब को बढ़ावा देने, चुनावी वादों को भूल जाने और अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं।
कांग्रेस शराब कल्चर के लिए भाजपा को बताता है जिम्मेदार
इस मामले में सत्तारुढ़ कांग्रेस भाजपा पर ही हमलावर है। कांग्रेस प्रदेश में शराब कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप भाजपा पर लगाती है। आरोप लगते हैं कि तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के काल में सरकार खुद शराब के धंधे में उतरी। इसकी वजह से शराब की लत बढ़ी है।
