बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग की छत से पानी टपक रहा है। दीवारें पुरानी हो चुकी है और सीपेज होने लगी है। इधर हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग को लेकर कवायद तो शुरू हो गई है, लेकिन काम कब से शुरू होगा इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद छतों से पानी टपक कर परिसर के बरामदों व कमरों में भर गया। जिससे मरीजों व स्टॉफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्पिटल की बिल्डिंग खराब हालत में है।
नए की उम्मीद में प्रबंधन मरम्मत नहीं करा रहा है। जबकि नई बिल्डिंग के लिए फिलहाल जमीन अधिग्रहण करने के लिए मशक्कत चल रही है। इसलिए करीब दो साल और इंतजार करना पड़ सकता है। खस्ताहाल स्थिति में संचालित हो रही बिल्डिंग में हमेशा हादसे की आशंका बनी हुई है। छतों से रॉड झांकने लगी है, तो प्लास्टर भी गिर रहे है। खासकर बारिश के बाद छत टपकने से कमरों व हॉल में पानी भर रहा है। तकनीकी रूप से देखा जाए तो जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। ं
स्वीकृति के बाद जमीन चयन में ही निकल गया समय
हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग निर्माण के लिए प्रशासनिक अफसर जमीन चयन को लेकर कवायद करते रहे। पहले वार्ड तीन में निर्माण के लिए जमीन देखी गई। लेकिन विवादों के चलते बात नहीं बनीं। इसके बाद वर्तमान परिसर में ही एल शेप में निर्माण की सहमति बनीं। किंतु बाद में यह भी निरस्त हो गया।
अब आईटीआई के समीप खंड चिकित्सा अधिकारी ने जमीन की मांग की है। यह हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग के लिए लगभग तय माना जा रहा है। राशि स्वीकृत होने के बाद जमीन चयन में ही काफी समय निकल चुका है।
वर्तमान बिल्डिंग में स्टाफ को भी काम करने में परेशानी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में स्टॉफ को भी काम करने में कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जगह कम होने से कई विभाग कमरों में ही बंद है। जबकि नए मौजूदा स्टॉफ के साथ नए सेटअप में काम करने की जरूरत है। बढ़ती जनसंख्या के साथ नई बिल्डिंग में सारी सुविधाओं के विस्तार की मांग लंबे समय से हो रही है।
करीब ढ़ाई लाख की आबादी ब्लॉक मुख्यालय पर निर्भर
प्राथमिक व उपस्वास्थ्य केंद्रों के अलावा शहर व ग्रामीण अंचल की करीब ढ़ाई लाख की आबादी ब्लॉक मुख्यालय पर आश्रित है। पर्यटन क्षेत्र होने से सर्वसुविधायुक्त हॉस्पिटल की नितांत आवश्यकता है। डिलीवरी, टीकाकरण, ओपीडी समेत अन्य तरह की योजनाओं का लाभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मुहैया होता है।
इसलिए नई बिल्डिंग बनने से सुविधाओं में विस्तार हो सकेगा और आश्रित बड़ी आबादी को इसका लाभ मिलेगा। फिलहाल जब तक नई बिल्डिंग का काम शुरू नहीं होता तब तक जर्जर बिल्डिंग में ही काम चलाना होगा। गत दिनों कलेक्टर ने नई बिल्डिंग के कार्यों का जायजा लिया था और बिना देरी किए काम शुरू करने की हिदायत दी थी।
नई बिल्डिंग के लिए जमीन तय हो चुकीः डॉ. इक्का
बीएमओ डॉ. बीपी इक्का ने बताया कि वर्तमान बिल्डिंग काफी कमजोर हो चुकी है। नई बिल्डिंग के लिए जमीन तय कर लिया गया है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू किया जाएगा।
