मिशन अमृत योजना अंतर्गत नगर निगम में जल प्रदाय योजना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण एवं उद्यान निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। योजनांतर्गत वर्तमान में जल प्रदाय योजना के तहत टंकी निर्माण, वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, इंटर कनेक्शन सहित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसका गत दिनों भारत सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसी इरमा (इंडीपेन्डेंट रिव्यू एण्ड मॉनिटरिंग एजेंसी) की टीम राजनांदगांव पहुंचकर निरीक्षण किया एवं कार्य के प्रगति के बारे में जानकारी ली।
नगर निगम आयुक्त डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों का प्रत्येक 6 माह में भारत सरकार के नियुक्त एजेंसी इरमा (इंडीपेन्डेंट रिव्यू एण्ड मॉनिटरिंग एजेंसी) द्वारा निरीक्षण किया जाता है। उसी कड़ी में टीम के अजीत कुमार एवं देवेन्द्र ओझा के द्वारा अमृत योजना अंतर्गत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। सबसे पहले मोहारा में निर्मित 17 एमएलडी परिशोधन संयंत्र का टीम ने निरीक्षण किया। पानी के शोधन के लिए बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। इसका कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 15 अगस्त तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूर्ण कराकर टेस्टिंग प्रारंभ कर दिया जाएगा।
आनंद वाटिका और उद्यान का भी जायजा: टीम द्वारा आनंद वाटिका एवं आरके नगर उद्यान का भी भ्रमण किया गया। निर्देश दिए गये कि उद्यानों का मरम्मत व संधारण नियमित हो। अधिकारियों को योजना के संबंध में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी, सहायक अभियंता अतुल चोपड़ा, उपअभियंता दिलीप मरकाम एवं विकास मेंगी, द्रीगराज कुमार उपस्थित थे।
टंकियों का निर्माण भी देखा
टीम द्वारा कंचनबाग एवं नवागांव पानी टंकी क्षेत्र का भ्रमण किया गया। कंचनबाग क्षेत्र के पास में अटल आवास एवं नवागांव टंकी क्षेत्र के निवासियों से वर्तमान में जल प्रदाय व्यवस्था की जानकारी टीम द्वारा ली गई। अटल आवास क्षेत्र में सरिता डोंगरे, तसलीम एवं नवागांव क्षेत्र में सूर्यकांत गोंड़ द्वारा बताया गया कि पूर्व में विगत कई वर्षों से उनके द्वारा टैंकर के जल का प्रयोग किया जाता था। मिशन अमृत योजना अंतर्गत टंकियों के प्रारंभ होने के बाद नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त पेयजल प्राप्त हो रहा है।
