मेडिकल कॉलेज शिफ्टिंग के साथ जिला अस्पताल के भी पेंड्री स्थानांतरण की अफवाह फिर रुकवाने की खबर छपवा कर षड्यंत्र पूर्वक झूठी वाहवाही और श्रेय लेने की कांग्रेसियों में होड़ मच गई है. और शिक्षित व्यक्ति आसानी से समझता है कि मेडिकल कॉलेज शैक्षणिक संस्था है, जबकि जिला अस्पताल उपचार करने वाली संस्था है.मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल “संचालनालय स्वास्थ्य शिक्षा’ के अंतर्गत आता है जबकि जिला हॉस्पिटल ” संचालनालय स्वास्थ्य सेवा” के अंतर्गत आता है. दोनों विभाग ही अलग-अलग है. ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज के साथ पेंड्री शिफ्ट होने का तो सवाल ही नहीं उठता. जिला अस्पताल के पेंड्री जाने की आशंका से भयभीत समीपस्थ व्यवसायी व फुटकर व्यापारी के प्रतिनिधि मंडल ने मुझसे मिलने के उपरांत मेरे द्वारा उन्हें स्पष्ट रूप से तकनीकी बारीकी से अवगत कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के राजधानी स्थित अधिकारियों से बातचीत की गई जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल शिफ्टिंग होने की खबर भ्रामक है. पर हां सामग्री को पूर्ववत जिला अस्पताल में रखते हुए मेडिकल कॉलेज में नवीन व आधुनिक सामग्री स्थापित करने की बात उन्होंने अधिकारियों से भी की है. भाजपा सहित यहां के जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल और नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है. जिसका प्रमाण कोरोना की दूसरी लहर में कार्यकर्ताओं का परिश्रम व स्थानीय विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित मेरे द्वारा खुले हृदय से सामग्रियों की उपलब्धता है .समय-समय पर उनके द्वारा जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चौधरी व अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉक्टर चंद्राकर के साथ निरंतर बैठक व वार्ता की गई है ।
