राजनांदगांव। करीब तीन माह से बंद शहर के उद्यानों में शुक्रवार से रौनक लौटने लगेगी। नगर निगम प्रशासन ने पुष्प वाटिका व चौपाटी के अलावा अन्य उद्यानों को खोलने का फैसला किया है। मास्क लगाकर पहुंचने वालों को ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही उद्यानों के अंदर शारीरिक दूरी के नियम का पालन कराने कर्मचारियों की तैनाती अलग से की जा रही है। द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी रहेगी।
अप्रैल के पहले हफ्ते से लाकडाउन लगते ही शहर के उद्यानों को भी बंद कर दिया गया था। तबसे वहां ताला जड़ा हुआ है। मई के अंतिम दिनोंमें हालात सुधरने की शुरुआती के
बाद धीरे-धीरे अनलाक का सिलसिला शुरू हुआ। वर्तमान में बाजार समेत अन्य सेवा-सुविधाएं लगभग अनलाक हो चुकी है। ऐसे में जनता की तरफ से मांग आ रही थी कि उद्यानों को भी अनलाक किया जाए। इसे देखते हुए नगर निगम ने दो जुलाई से उद्यानों को खोलने का आदेश जारी कर दिया।
नगर निगम आयुक्त डॉ. अशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण व लाकडाउन के कारण रानीसागर सरोवर के किनारे स्थित पुष्प वाटिका, चौपाटी व शहर के अन्य उद्यानों को आम नागरिकों के लिये प्रवेश प्रतिबंध किया गया था। कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुये समस्त उद्यानों को दो जुलाई से सुबह व शाम को निर्धारित समय तक पुनः चालू किया जा रहा है। लोगों को (कोविड-19) की रोकथाम के लिए शासन द्वारा समय-समय पर निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि मास्क लगाकर ही उद्यानों में प्रवेश करें। इसके अलावा घुमने व व्यायाम करने में शारीरिक दूरी का
तफरीह करने वाले सैकड़ों लोह सामान्य दिनों में हर दिन सुबह-शाम उद्यानों में पहुंचते हैं। योगाभ्यास व व्यायाम उनकी दिनचर्या में शामिल है। वर्तमान में काफी सारे लोग महामारी से उबरे हैं। इस कारण वे यदा-कदा योगाभ्यास व व्यायाम अनिवार्य रूप से कर ही रहे हैं। उद्यानों के खुलने से ऐसे लोग फिर से पुरानी जगहों पर ही पहुंच सकते हैं। ऐसे लोगों की तरफ से मांग आ रही थी कि उद्यानों को जल्द खोला जाए।
सभी उद्यान अप्रैल से ही बंद कर दिए गए थे। लोगों का आना-जाना तो बंद ही था, नगर निगम के कर्मचारी भी झांकने नहीं जा रहे थे। इस कारण लाकडाउन व उसके बाद के दिनों में भी देखरेख हो ही नहीं सकी। अब उद्यान खोले तो जा रहे हैं, लेकिन ज्यादातर हिस्से में बदहाली छाई हुई है। झूले व बच्चों के मनोरंजन के साधन वाले कई उपकरण टूट-फूट चुके हैं। कई हिस्सों में खरपतवार उग आए हैं। बिना पानी के शो-दार पौधों खराब हो गए हैं। पौधों की कटाई नहीं हुई है। इस तरह की बदहाली के बीच लोग अपनी सेहत सुधारने के लिए शुक्रवार से कसरत करने जुटेंगे।
