खैरागढ़ । बीते तीन माह से गोबर खरीदी बंद होने से नाराज पशुपालको ने एसडीएम कार्यालय के बाहर गोबर रखकर प्रदर्शन किया। सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के क्रियांवयन में लापरवाही को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्हे बुलाने की मांग करने लगे। स्टाफ से एसडीएम के फील्ड में होने की जानकारी बाद भी एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। शोर सुनकर पहुंचे नायब तहसीलदार लीलाधर कंवर ने प्रदर्शनकारियों को पहले शांत कराया और ज्ञापन लिया।
पूर्व छात्र नेता व मंडल भाजपा मीडिया प्रभारी राजू यदु ने अधिकारी को तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कहा की अगले चार दिन के भीतर गोबर खरीदी शुरू नहीं की गई, तो जिले स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने सात दिन का समय मांगा। लेकिन प्रदर्शनकारी चार दिन के भीतर ही गोबर खरीदी शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि तीन महीने से गोबर खरीदी बंद है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना जमीनी स्तर पर मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। गोबर खरीदी और भुगतान नियमित रूप से नही हो रहा है। नपा क्षेत्र मे अब तक गौठान का निर्माण तक नहीं किया गया है, चारागाह की जमीन से अतिक्रमण हटाने और पशुओ के लिए चारागान उपलब्ध कराने की मांग की। राजू यदु ने कहा कि राज्य सरकार लाखों रुपए खर्च कर गोधन न्याय योजना के सफल क्रियांवयन को लेकर वाहवाही बटोर रही है वही दूसरी ओर जमीनी स्तर पर योजना अव्यवस्था का शिकार हो रही है। सरकार की इस योजना से पशुपालको की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा था लेकिन अब हालात जस का तस हो गया है और इस स्थिति मे पशुपालक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद नाराज पशुपालकों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप मुख्य द्वार के बाहर गोबर फेंक विरोध जाहिर किया। राजू यदु ने कहा कि उनका मकसद कार्यालय के बाहर गोबर फेंककर कचरा फैलाना नहीं, बल्कि गोबर को पवित्र माना जाता है। यह बहुपयोगी वस्तु के रूप मे इस्तेमाल किया जाता है। लिहाजा कार्यालय में अधिकारी के नहीं होने के कारण वे आफिस के बाहर गोबर रखकर मांग पूरी करने की मांग कर रहे है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह नगर पालिका परिषद के सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर पशुपालकों ने खरीदी चालू करने की मांग की। लेकिन उन्होंने खरीदी केंद्र में गोबर भंडारण के लिए जगह नही होने की बात कहकर सीएमओ ने गोबर खरीदी मे असमर्थता जता दी है।
