राजनांदगांव । जिले में गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत गुरुवार से हो गई। यह 15 जुलाई तक चलेगा। शासकीय मेडिकल कालेज अस्पताल में इसकी शुरुआत की गई जिसमें बच्चों को ओआरएस के घोल के पैकेट और जिंक टेबलेट बांटे गए। महापौर हेमा देशमुख ने बच्चों को घोल पिलाकर पखवाड़े की शुरुआत की।
बताया गया कि इस पखवाड़े का उद्देश्य जिले भर में बच्चों में डायरिया के नियंत्रण के प्रति जागरूकता लाना और डायरिया के समय बच्चों को किन-किन चीजों को देना चाहिए इसके लिए इस अभियान की शुरुआत आज से की गई। साथ ही शून्य से पांच साल के बच्चों के लिए यह पखवाड़ा चलाया जा रहा है कि डायरिया के समय इनका ख्याल कैसे रखा जाए और अगर इन बच्चों को डायरिया की शिकायत होती है तो ओआरएस का घोल कैसे पिलाना है। और अस्पताल कैसे पहुंचाना है यह जानकारी भी मितानिनो के द्वारा दी जाएगी।
घोल बनाने की विधि बताई जाएगीः जिला स्तरीय गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत शासकीय मेडिकल अस्पताल में किया गया। यह पकवाड़ा पूरे जिले भर में चलेगा जहां ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और डायरिया के प्रति जानकारी देंगे साथ ही ओआरएस का घोल और जिनक टेबलेट बांटे जाएंगे और उसका उपयोग कैसे करना है और बच्चों को इसके लिए कैसे इस्तेमाल करना है। यह जानकारी भी मितानिनो के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में दिया जाएगा शून्य से पांच साल के बच्चों का ध्यान कैसे रखा जाए और इन बच्चों को अगर डायरिया होता है इनका का ध्यान कैसे रखा जाए। कितनी मात्रा में ओआरएस का घोल देना है। घर में घोल बनाने के तरीके के साथ-साथ ओआरएस घोल खुद घर में कैसे बनाया जाए? इसकी भी जानकारी मितानिनें घर-घर जाकर देंगी।
बच्चों की देखरेख की देंगे जानकारी कार्यक्रम में शहर की महापौर ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि इस पखवाड़े का उद्देश्य छोटे बच्चों को ध्यान में रखना और डायरिया होने पर उन्हें ओआरएस का घोल कैसे देना है। कितनी मात्रा में देना है जिसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है साथ ही जिनक टैबलेट का उपयोग भी कैसे करना है उसके संबंध में यह पकवाड़ा चलाया जा रहा है कि बच्चों का देखरेख कैसे कर सकते हैं।
