राजनांदगांव । गुरुवार को आधे से ज्यादा शहर में दोपहर तक पानी की मारामारी से रहवासियों को जूझना पड़ा। हुआ यह कि नगर निगम ने बुधवार को मोहारा फिल्टर प्लांट की सफाई कराई थी, जिसके बाद गुरुवार सुबह नलों से सप्लाई शुरू कराई। प्लांट की टंकी सफाई होने के बाद भी सुबह नलों से गंदा पानी की आपूर्ति की शिकायत सामने आयी। इसके बाद सप्लाई बंद कर टंकी के गंदे पानी को बाहर फेंका। इस बीच मोहरा सहित आधे शहर में मेंटेनेंस को लेकर बिजली गुल हो गई, जो सुबह करीब साढ़े 11 बजे के बाद चालु हुई। तकरीबन तीन घंटे बिजली बंद होने से मोहारा प्लांट ही नहीं शहर की सभी पानी टंकियों में जलभराव नहीं हो पाया। इसके चलते शाम को भी सप्लाई में देरी हुई। दूसरी ओर टंकियां खाली होने के कारण टैंकरों से भी जलापूर्ति नहीं की जा सकी। इसके कारण ही दोपहर से शाम तक शहर में पानी के लिए मारामारी की स्थिति बनी। शादी घरों में भी पेयजल सप्लाई करने में निगम बेबस नजर आया। दोपहर में बिजली चालू होते ही टंकिंयों में जलभराव शुरू कराया गया। इसके बाद ही शाम को देरी से नलों से सप्लाई चालू की गई।
सुबह नलों से आया गंदा पानी : मोहारा फिल्टर प्लांट की टंकी की सफाई होने के बाद गुरुवार सुबह जलभराव कर नलों से पानी सप्लाई किया गया। बिना टेस्टिंग के कारण नलों से आधे शहर में गंदा पानी ही आया। जिसकी शिकायत के बाद निगम ने सप्लाई बाधित कर गंदे पानी की सप्लाई को बाहर कराया। दोबारा टंकी में जलभराव के दौरान मेंटेनेंस को लेकर तीन घंटे बिजली बंद हो गई। जिसके चलते टंकिया नहीं कर पायी। मोहारा प्लांट के साथ टांकाघर और इंदिरा नगर, सिविल लाइन, शंकरपुर सहित अन्य सभी टंकियों में जलभराव रिमझिम बारिश के मौसम में एक तो बारिश नहीं हो रही। आषाढ़ के महीने में जेठ जैसी तपन वाली गर्मी पड़ रही है। हल्की ठंड का अहसास कराने वाला माह लोगों का पसीना निकाल रहा है। इस बीच शहर व आसपास के क्षेत्रों में लगातार जिली बंद होने से लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है। सुबह करीब पौन घंटे बिजली गुल रही। दोपहर में भी भी कई बार बिजली आती-जाती रही। शाम को बारिश के दौरान व बारिश बंद होने के बाद भी शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहा। इससे प्री-मानसून मेंटेनेंस को लेकर भी बिजली कंपनी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक जुलाई को शहर में कई जगहों पर वैवाहिक कार्यक्रम था। इसके लिए आयोजन करने वाले परिवारों से निगम प्रशासन ने टैंकर से पानी सप्लाई की मांग की थी। इन शादी वाले घरों में भी निगम प्रशासन पेयजल की सप्लाई नहीं कर पाया। यही नहीं टीकाकरण केंद्रों में भी टैंकर से पानी सप्लाई नहीं करने के कारण कनटेनर खाली ही रहा। लोगों को दोपहर से शाम तक पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। शाम को देरी से नल खुलने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
मोहारा फिल्टर प्लांट के टंकी की एक दिन पहले ही सफाई कराई है। इसके कारण सुबह नलों से गंदा पानी आ रहा था। टंकियों में जलभराव से पहले बिजली बंद होने से भी दिक्कत हुई है। दोपहर में बिजली आते ही टंकियों में जलभराव कराया गया। वहीं शाम को नलों से भी पेयजल सप्लाई की गई।
