समाजसेवा का क्षेत्र हो या फिर लोक संगीत और कलाकारों के संरक्षण की बात हो, धार्मिक आयोजनों से शहर को नई पहचान देने वाले बर्फानी मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश मारू ने देहदान की घोषणा की है। मारू 30 जून को शहरी विकास प्राधिकरण विभाग से रिटायर्ड हुए।
साथियों ने इनकी सेवाकाल की सराहना करते हुए विदाई दी। वहीं मारू ने नई मिसाल पेश करते हुए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मानव संरचना विभाग में देहदान की मंशा रखते हुए घोषणा पत्र जमा किया। मारू का कहना है कि मौत के बाद भी अगर यह शरीर किसी के काम आए तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। इसलिए मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स की पढ़ाई और अध्ययन के लिए देहदान की घोषणा की गई है।
सूखा राशन पहुंचाया
समिति के माध्यम से मारू ने लॉकडाउन के बीच वनांचल के लगभग 1200 परिवारोें तक सूखा राशन से लेकर उनकी हर जरूरत के सामान पहुंचाने का काम किया। बीमार लोगों तक दवाइयां पहुंचाकर उनकी मदद की। लॉकडाउन के दौरान गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहे थे।
कलाकारों के लिए संघर्ष
राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कभी-कभी पैदल सफर तक करना पड़ा। शासकीय सेवा में रहते हुए मारू ने धार्मिक आयोजनों से लेकर लोक कला संगीत के संरक्षण की दिशा में भी कार्यरत हैं। मारू लोक कलाकारों को एकजुट कर हक दिलाने भी संघर्षरत हैं। कलाकारों को एकजुट किया।
सेवा भावना से किया दान: मारू ने बताया कि ये ख्याल आया कि निधन के बाद इस शरीर को मेडिकल स्टूडेंट्स की पढ़ाई के लिए दे दिया जाए। इसलिए पत्रकार साथी कमलेश के साथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचकर देहदान करने घोषणा पत्र भरकर जमा करा दिया।
