सामान्य वन मंडल का अंबागढ़ चौकी वन परिक्षेत्र जनवरी से मानपुर से कंट्रोल हो रहा है। अंबागढ़ चौकी रेंज में 6 महीने से रेंजर का पद रिक्त है। वन संचालनालय द्वारा इस रेंज में किसी स्थाई व मूल पद वाले रेंजर की पदस्थापना नहीं किए जाने से डीएफओ ने मानपुर के एक डिप्टी रेंजर को अंबागढ़ चौकी रेंज का कार्यवाहक रेंजर का प्रभार सौंप दिया है। इधर इस प्रभारी रेंजर के मुख्यालय में नहीं रहने से स्थानीय वन परिक्षेत्र का कामकाज पटरी से उतर गया है।
अव्यवस्था बढ़ा हुआ है। वहीं जंगल को खुला छोड़ दिया जाने से वन माफिया व इमारती लकड़ी तस्कर इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं। प्रभारी रेंजर के मुख्यालय में नहीं रहने से फील्ड में तैनात रेंज अस्सिटेंट व बीट गार्ड भी मुख्यालय से गायब हो गए हैं। इससे वन विभाग द्वारा संचालित कई योजनाएं केवल कागजों में चल रही है।
चौकी में रेंजर का पद रिक्त होने पर डीएफओ ने यहां पर प्रभारी के रूप में दक्षिण मानपुर में पदस्थ डिप्टी रेंजर अय्यूब खान को जनवरी में पदस्थ किया है। प्रभारी रेंजर का मूल पद स्थापना मानपुर दक्षिण में होने के कारण वे अंबागढ़ चौकी रेंज को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं। वे सप्ताह या पखवाड़े में एक-दो दिन जिला मुख्यालय आते-जाते चौकी में मिले प्रभार पद की खानापूर्ति कर निकल जाते हैं। इधर रेंज में पदस्थ अन्य तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौके का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। यदि पिछले छह माह की अवधि में हुए कार्य की जांच की जाती है तो यहां पर कई गड़बड़ियां उजागर होगी।
कौड़ीकसा सर्किल का संचालन राजनांदगांव से: चौकी वन परिक्षेत्र में भड़सेना, चिल्हाटी, कौडीकसा, देववाडवी एवं चौकी सर्किल है। रेंजर के मुख्यालय में नहीं होने से उनके अधीनस्थ रेंज अस्सिटेंट भी हेड क्वार्टर और फील्ड से गायब रहते हैं। कौड़ीकसा में सर्किल में पदस्थ डिप्टी रेंजर श्यामजी मिश्रा जिला मुख्यालय राजनांदगांव से अपडाउन करते हैं।
इसी तरह भडसेना में पदस्थ डिप्टी रेंजर रामनाथ ध्रुवे चौकी से चिल्हाटी सर्किल में पदस्थ डिप्टी रेंजर गोपालराम यादव मोहला से देववाडवी सर्किल में पदस्थ नेमिता केर्राम चौकी से ही अपने-अपने क्षेत्र को कंट्रोल करते हैं। जबकि चौकी सर्किल में पदस्थ डिप्टी रेंजर बी के गंजीर हेडक्वार्टर में केवल तीन चार दिन ही रहते हैं। इधर इन सर्किल प्रभारियों के गायब रहने से बीट प्रभारी भी अपने अधिकारी की राह में चलने में कोई संकोच नहीं करते हैं और शासन द्वारा नक्सली क्षेत्र में मिलने वाले हर सुविधाओं का लाभ उठा रहे है।
चौकी में रेंजर का प्रभार मानपुर के डिप्टी रेंजर को
अंबागढ़ चौकी रेंज में कुल पांच सर्किल हैं और सभी स्थानों पर डिप्टी रेंजर पदस्थ हैं, पर आश्चर्य है कि वन विभाग के आला अधिकारियों ने चौकी से 50 किमी. दूर दक्षिण मानपुर में डिप्टी रेंजर पद पर ही पदस्थ अय्यूब खान को प्रभारी रेंजर बनाया है। यदि चौकी रेंज में कोई डिप्टी रेंजर नहीं होता तो मानपुर के डिप्टी रेंजर को प्रभारी रेंजर बनाने की बात को सही निर्णय कहा जा सकता था, लेकिन चौकी में पांच-पांच डिप्टी रेंजर होने के बाद मानपुर के डिप्टी रेंजर को प्रभार दिया जाना ही जांच का विषय है।
एक रेंजर कर रहा विभाग के दो वाहनों का उपयोग
अंबागढ़ चौकी रेंज के लिए एलाट शासकीय वाहन सीजी 02 एफ 254 बीते तीन माह से गायब है। चौकी रेंज के लिए आबंटित शासकीय वाहन का उपयोग दक्षिण मानपुर में हो रहा है। यहां पदस्थ डिप्टी रेंजर व चौकी के प्रभारी रेंजर चौकी के शासकीय वाहन को अपने साथ मानपुर ले गए हैं। वे चौकी के वाहन का उपयोग दक्षिण मानपुर में कर हैं। इधर चौकी में वाहन नहीं होने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। बताया जाता है कि दक्षिण मानपुर में पहले से ही एक शासकीय वाहन मौजूद है और वह भी रनिंग कंडीशन में है। लेकिन डिप्टी रेंजर खान पिछले तीन महीने से दो-दो वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।
जो नहीं रहते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
वन विभाग के एसडीओ शिवेंद्र साहू ने कहा कि चौकी में अय्यूब खान प्रभारी रेंजर हैं। दो-दो स्थानों में चार्ज में होने के कारण वे मुख्यालय में रहते हैं। यदि कोई अन्य कर्मचारी हेड क्वार्टर में नहीं रहते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाहन का मामला जानकारी उन्हें नहीं है। क्योंकि वे तीन दिन पहले ही अंबागढ़ चौकी में पदस्थ हुए है।
