तुलसीपुर निवासी एक युवक ने शिक्षा विभाग के बाबू पर 1 लाख 20 हजार रुपए लेने के बाद अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। युवक ने सीधे कलेक्टर के पास लिखित शिकायत कर लेनदेन से लेकर नियुक्ति आदेश जारी करने और बाद में नियुक्ति को रद्द किए जाने के पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इस शिकायत के बाद से शिक्षा विभाग की खूब किरकिरी हुई है।
खबर है कि कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने डीईओ एचआर सोम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जल्द ही मामले में कारण बताने के निर्देश दिए गए हैं। लगाए गए आरोपों के संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रशासन की ओर से जांच के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। अभी तक बयान तक नहीं लिया गया है। इधर अनुकंपा नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रेमनारायण वर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की रिकवरी कराने की मांग की गई है पर अभी तक संतोषजनक जवाब दिया ही नहीं गया है।
जांच में गंभीरता नहीं दिखाई तो जाएंगे कोर्ट
प्रेमनारायण वर्मा ने बताया कि अफसर अगर मामले की जांच में गंभीरता नहीं दिखाएंगे तो सीधे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी, क्योंकि अनुकंपा नियुक्ति का मामला जनहित से जुड़ा हुआ है। अफसर अभी तक केवल नोटिस देने का ही दिखावा करते आ रहे हैं जबकि एक आवेदक ने तो 1 लाख 20 हजार रुपए नकदी पैसे देने का आरोप लगा दिया है।
