जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की मदद ली जा रही है। शिक्षकों को घर-घर सर्वे कर यह पता लगाने कहा गया है कि कितने ग्रामीणों ने वैक्सीन की डोज लगवा ली और कितने लोग पीछे चल रहे हैं। इनकी पूरी रिपोर्ट बनाकर शिक्षकों को 30 जून तक पंचायतों को रिपोर्ट सौंपनी है। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। इस आधार पर मेडिकल यूनिट को संबंधित गांव और कस्बे में भेजा जाएगा, जहां पर वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एनके पंचभावे ने संकुल प्राचार्य, संकुल समन्वयक, बीआरसी और अन्य जिम्मेदार अफसरों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। 16 जून से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। शिक्षकों को नियमित स्कूल आना है। दोपहर 2 बजे तक ड्यूटी करनी है। शिक्षकों को जिला मुख्यालय में ही रहना होगा।
लोगों को जागरूक करेंगे
समीक्षा के दौरान यह पता चला कि प्राइवेट स्कूलों का यू डाइस इंट्री एवं स्टूडेंट इंट्री नहीं हो पाई है। इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षकों को वैक्सीनेशन के कार्य में विशेष रूप से भागीदारी निभानी है। 18 प्लस और अन्य वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए लगातार प्रेरित करना है। वैक्सीन के फायदे उन्हें बताना है। समीक्षा के दौरान एबीईओ श्रीनिवास मिश्रा, गुप्तेश्वरी रावटे, भारती आहुजा, बीआरसी केडी साहू सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
जांच कर देंगे ग्रेडिंग रिपोर्ट
पढ़ई तुंहर दुआर के अंतर्गत वर्चुअल क्लास भी लेंगे। आमाराइट कार्यक्रम के तहत कक्षा दूसरी से बारहवीं तक प्रोजेक्ट कार्य भी दिया जा रहा है। इसका मूल्यांकन कर ग्रेडिंग ए और बी की जानकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पास प्रस्तुत करनी है। 28 जून तक आमाराइट की पूरी रिपोर्ट जमा करनी है।
