राजनांदगांव। समर्थन मूल्य में खरीदी के बाद से सहकारी समितियों में रखे धान के उठाव में सुस्ती बरतने वाले राइस मिलर अह कार्रवाई के बाद धड़ाधड़ परिवहन कर रहे हैं। पांच राइस मिलरों के खिलाफ जब्ती व मिल सीलिंग की कार्रवाई की जा चुकी है। उनके पास से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का धान व चावल भी जब्त कर लिया गया है। इसका नतीजा यह रहा कि मिलरों ने हफ्तेभर में करीब साढ़े चार लाख क्विंटल धान उठा लिया। इसके बाद भी लगभग छह लाख क्विंटल धान सोसाइटियों में बचे ही हैं। बारिश के पहले उसका परिवहन सबसे बड़ी चुनौती होगी।
धान के उठाव को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे प्रशासन को मौसम का भी साथ मिल रहा है। मानसून की सक्रियता हफ्तेभर से कमजोर हुई है। इस कारण आसानी से समितियों में रखे धान का उठाव हो पा रहा है। अगर बारिश हो गई तो बाकी धान का परिवहन संकट में पड़ सकता है।
पिछले हफ्तेभर से धान के परिवरन में तेजी आई है। हर दिन औसतन 30 हजार क्विंटल धान का परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय राइस मिलरों के साथ ही धमतरी के भी मिलर धान उठा रहे हैं। दूरी के कारण हालांकि परिवहन में थोड़ा समय लग रहा है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि ट्रांसपोटर्स की बैठक लेकर गाड़ियों की संख्या और बढ़ाने कहा गया है। उसके बाद परिवहन में और तेजी आ सकेगी।
मानसून की दस्तक हो चुकी है। हालांकि अभी उसकी सक्रियता जरूर कमजोर है, लेकिन बारिश का मौसम ठीक से शुरू होने से पहले ही धान का उठाव पूरा करना होगा। मौसम विभाग के अनुसार इसमें अभी लगभग एक हफ्ते का समय है। उसके बाद धान का परिवहन कर पाना आसान नहीं होगा। उधर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि प्रबंधन की तरफ से मार्कफेड को परिवहन संबंधी आदेश पत्र लगातार जारी किए जा रहे हैं।
धान के परिवहन को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हर दिन 30 हजार क्विंटल का उठाव किया जा रहा है। तई दिन यह 40 हजार तक भी चला जाता है। गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
बयान-सौरभ भारद्वाज, प्रबंधक, मार्कफेड का
आंकड़ों में धान
-76 लाख क्विंटल कुल खरीदी
-70 लाख क्विंटल का उठाव
06 लाख क्विंटल अब भी बाकी
