राजनांदगांव। कहते हैं योग से हर व्यक्ति निरोग रह सकता है। इसे सच करके दिखाया है। शहर के महेश नगर में रहने वाली 60 वर्षीय तजिंदर कौर ने। पांच साल पहले तजिंदर डिप्रेशन का शिकार हो गई थी। मन में केवल नकरात्मक विचार ही आता था। खुशियां छिन गई थी। परिवार की खुशियों में भी तजिंदर गुमसुम रहती थी, तभी उन्होंने योग करना शुरू किया।
साल भर में तजिंदर ने योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि दो साल में ही तजिंदर ने योग करके डिप्रेशन को किनारे कर दिया। अब तजिंदर पूरी तरह स्वस्थ हो गई है। यही नहीं तजिंदर अब परिवार की खुशियों को खुलकर इंज्वाय कर रही है। बाहर घूमने तक जा रही है। वर्तमान में भी तजिंदर अपने रिश्तेदार के घर पंजाब गई है, वहां भी उसने योग करना बंद नहीं किया है। तजिंदर ने कहा कि मन में पाजिटिव सोंच रखना सबसे बड़ा योग है। इसलिए वो घर में सभी लोगों को योग करने के लिए प्रेरित कर रही है।
तजिंदर कौर ने कहा कि पांच साल पहले की जिंदगी मौत से भी बदतर हो गई थी। परिवार की कोई भी खुशी को मैं इंज्वाय नहीं कर पा रही थी। हमेशा घर में गुमसुम रहती थी। मुझे देखकर घरवाले भी परेशान थे। मन में नकरात्मक विचार ही आते थे। जीने की इच्छा ही नहीं होती थी। ऐसे समय में मेरे परिवार ने मेरा हौसला बढ़ाया। मुझे योग करने कहा। मैं महिला पतांजलि योग समिति से जुड़ी और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। धीरे-धीरे मन में पाजिटिव विचार आने लगा। सुबह और शाम दोनों समय योग करके मैंने डिप्रेशन को दूर कर दिया। अब मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।
डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है। ऐसी स्थिति में लोग गुमसुम हो जाते हैं। हमेशा नकरात्मक विचार ही मन में आते हैं। जीने की इच्छा नहीं होती तो खुदकुशी करने का ख्याल तक आता है। ऐसे मानसिक बीमारी को तजिंदर ने योग करके पूरी तरह हरा दिया है। तजिंदर ने कहा कि सालों बाद वो खुशियां मना रही है। डिप्रेशन से बाहर आने के बाद वो पहली बार घर से बाहर घूमने पंजाब आयी हूं। उन्होंने कहा कि सभी योग करें और निरोग रहें।
